सुरजेवाला ने कर्नाटक में 'पॉवर शेयरिंग' की अटकलों को खारिज किया

कर्नाटक नेतृत्व विवाद पर सुरजेवाला बोले- मुख्यमंत्री बदलाव पर कोई फैसला नहीं
सुरजेवाला ने कर्नाटक में 'पॉवर शेयरिंग' की अटकलों को खारिज किया

बेंगलुरु:  कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच एआईसीसी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह के 'पॉवर शेयरिंग' की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री परिवर्तन के संबंध में कोई भी निर्णय आधिकारिक तौर पर नहीं लिया गया है।

हालांकि, उन्होंने सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे की अफवाहों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।

सुरजेवाला ने पार्टी में उनके योगदान के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों की प्रशंसा की।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि 'पॉवर शेयरिंग' जैसी कोई बात नहीं है। कल की बैठक राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के संबंध में हुई थी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने चर्चा में भाग लिया।

मौजूदा राजनीतिक अटकलों का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने इन खबरों को महज अफवाह बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि

कई लोग अलग-अलग बातें फैला रहे हैं। अभी तक कांग्रेस विधानसभा की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। ये सभी अटकलें हैं।

उन्होंने दोहराया कि सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ही पार्टी के महत्वपूर्ण नेता हैं और कहा कि कोई भी निर्णय कर्नाटक की जनता के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। सिद्धारमैया एक बहुत महत्वपूर्ण नेता हैं। शिवकुमार संगठनात्मक कार्यों से उभरे हैं। जो भी निर्णय लिया जाएगा, हम कर्नाटक की जनता को सूचित करेंगे। निर्णय व्यक्तियों के लिए नहीं बल्कि कर्नाटक और उसकी जनता के हित में लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक बहुत महत्वपूर्ण नेता हैं और उनका अपना राजनीतिक कद है। वे दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

उपमुख्यमंत्री शिवकुमार की प्रशंसा करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि शिवकुमार एक युवा नेता के रूप में आगे बढ़े हैं और कई मुख्यमंत्रियों के अधीन काम कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि शिवकुमार जमीनी स्तर से एक नेता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कई मुख्यमंत्रियों के अधीन काम किया है। हम किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में निर्णय नहीं लेते। निर्णय जनता के हित में लिए जाते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

 

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