कर्नाटक में सियासी बदलाव पर घमासान, एनडीए नेताओं ने कांग्रेस पर हिंदू विरोधी राजनीति का आरोप लगाया

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान के बाद डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना के बीच विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा और जदयू नेताओं ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण, परिवारवाद और विकास की अनदेखी का आरोप लगाया है।

भाजपा कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद से ही अल्पसंख्यकों को खुश करने वाली राजनीति कर रही है। कांग्रेस लगातार हिंदुओं का अपमान कर रही है और उसके नेता अहंकारी हो गए हैं।"

उन्होंने मुख्यमंत्री बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा, "पिछले तीन सालों में कांग्रेस सरकार ने कोई खास विकास कार्य नहीं किया। अगर डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री बन भी जाते हैं, तो भी कर्नाटक में कोई बड़ा विकास नहीं होगा। गारंटी योजनाओं ने खुद को बांध लिया है। नेतृत्व बदलने से विकास की स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "ऐसा होना ही था। हमने पहले भी चिंता जताई थी। राहुल गांधी ने कर्नाटक पर फैसला लेने में काफी समय लगाया। जब पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच जाती है, तभी वे दखल देते हैं। यह कैबिनेट की खींचतान का सिर्फ एक संकेत है।"

तेलंगाना के भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा, "कर्नाटक में ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ आखिरकार खत्म हुआ। डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित होने पर शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वे प्रतीकात्मक गारंटियों से आगे बढ़कर शहरी-ग्रामीण संकट, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक चुनौतियों पर ध्यान देंगे। फिलहाल कर्नाटक में नीतिगत ठहराव और जनता में असंतोष है।"

जदयू नेता हरि नारायण सिंह ने परिवारवाद पर सवाल उठाते हुए कहा, "सभी के बेटों को मंत्री पद मिल रहा है। सिद्दारमैया को राज्यसभा का ऑफर मिला था, विपक्ष का नेता बनने का मौका भी मिला था, लेकिन उन्होंने विधायक रहना पसंद किया। अगर वे बेटे को मंत्री बना रहे हैं तो गलत नहीं कर रहे, यह परंपरा चल चुकी है।"

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "कांग्रेस वास्तव में कलह पार्टी है। पार्टी के अंदर की कलह अब खुलकर सामने आ गए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की नई सरकार बनते ही उसकी उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। दक्षिण राज्यों में भी कांग्रेस अपना अस्तित्व खोएगी।"

--आईएएनएस

एससीएच/एएस

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