Kamaljeet Sehrawat Statement : कमलजीत सहरावत ने गिनाईं पिछली सरकार की खामियां, दिल्ली जल बोर्ड को बताया सबसे बड़ी चुनौती

भाजपा सांसद सहरावत का केजरीवाल पर हमला, जल बोर्ड और एक्साइज नीति पर उठाए सवाल
कमलजीत सहरावत ने गिनाईं पिछली सरकार की खामियां, दिल्ली जल बोर्ड को बताया सबसे बड़ी चुनौती

नई दिल्ली: भाजपा सांसद कमलजीत ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अपने कार्यकाल के दौरान काम न कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब से हमारी सरकार आई है तब से हम लोग लगातार काम करा रहे हैं। अगर पहले की सरकार कुछ काम की होती तो हमारी सरकार को इतनी परेशानी न होती।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अब जब 2025 में दिल्ली में भाजपा की सरकार सत्ता में आ गई है, तो अगर आप हमसे पूछें, तो हम कहेंगे कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली जल बोर्ड है। पुरानी लाइनों में से किसी भी लाइन को ठीक नहीं किया गया है और एक भी कदम ठीक से नहीं उठाया गया है।"

उन्होंने कहा कि सरकार एक्साइज नीतियां इसलिए लाती है, ताकि उसे फायदा हो। भले ही उसे पता हो कि इन नीतियों से लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। एक्साइज नीतियां लगभग हर राज्य में होती हैं, लेकिन इस मामले में एक्साइज नीति से सरकार को भी कोई फायदा नहीं हुआ और यह 'झाड़ू' वाली सरकार ही थी जिसने लोगों के घरों तक शराब पहुंचाने का काम किया।

सीएजी रिपोर्ट पर सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, "इससे पहले, हमें 'शीश महल' के बारे में एक रिपोर्ट मिली थी, जिसमें विस्तार से बताया गया था कि कितना खर्च हुआ और किन चीजों का इस्तेमाल किया गया। किसी भी सरकारी आवास के निर्माण में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली सभी जरूरी चीजों पर इस इमारत के निर्माण के दौरान सावधानीपूर्वक विचार किया गया था, लेकिन सीएम की पत्नी ने इसमें बहुत ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।"

कमलजीत सहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सुरक्षा बिल पर अपना रुख और महिला सशक्तीकरण के लिए अपना विन पहले ही स्पष्ट कर दिया है, लेकिन सबसे उत्साहजनक बात यह है कि महिला सशक्तीकरण के लिए फैसले लेने से पहले, वे महिलाओं को इसके लिए तैयार करते हैं। पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं, जिससे उन्हें नए अवसर मिले हैं। आज महिलाएं हर मंच पर अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कई लोगों ने महिला सशक्तीकरण की बात की, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ही थे जिन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' लाने के लिए प्रयास किया। यह हमारे देश की महिलाओं से किया गया एक वादा है।

--आईएएनएस

 

 

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