Jharkhand Electricity : बिजली दरों में बढ़ोतरी का भाजपा ने किया विरोध, वित्तीय विफलताओं का बोझ जनता पर डालने का आरोप

बिजली दरों में बढ़ोतरी पर भाजपा का हमला, सरकार पर आम जनता पर बोझ डालने का आरोप।
झारखंड: बिजली दरों में बढ़ोतरी का भाजपा ने किया विरोध, वित्तीय विफलताओं का बोझ जनता पर डालने का आरोप

रांची: झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी के फैसले को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। पार्टी ने इसे जनविरोधी करार देते हुए कहा है कि सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं का बोझ आम लोगों पर डाल रही है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दर 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.20 रुपये प्रति यूनिट और शहरी क्षेत्रों में 6.85 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला आम उपभोक्ताओं की कमर तोड़ने वाला है।

अजय साह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत दिशा में हैं। उनके मुताबिक, सरकार के पास मुंबई में झारखंड भवन निर्माण, मुख्यमंत्री आवास और विधायकों के आवास पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के लिए संसाधन हैं, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने पहले एलपीजी और पेट्रोल-डीजल को लेकर भ्रम फैलाया और अब बिजली दर बढ़ाकर लोगों को झटका दिया है।

अजय साह ने कहा कि जब जनता राहत की उम्मीद कर रही थी, तब सरकार ने उल्टा बोझ बढ़ाने का फैसला लिया। उन्‍होंने राज्य में वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फंड का उपयोग जनहित के बजाय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में किया गया है। साथ ही ऊर्जा विभाग से जुड़ी कथित अवैध निकासी के मामलों का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो झारखंड भी आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, राज्य सरकार ने आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाए हैं और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पार्टी ने सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने और वित्तीय प्रबंधन को सुधारने की मांग की है।

--आईएएनएस

 

 

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