गिरिडीह, 13 मई (आईएएनएस)। झारखंड के गिरिडीह जिले में साइबर ठगों ने अब पुलिस से बचने के लिए जंगलों को अपना नया 'सेफ हाउस' बना लिया है। गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चरनबारी और कोठाहरिया जंगल में चल रहे एक हाईटेक 'जंगल कंट्रोल रूम' का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने मौके से छह शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ दबोचा है, जो देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान महेंद्र कुमार मंडल, कृष्णा कुमार मंडल, ईश्वर मंडल, पंकज कुमार मंडल, रंजीत कुमार मंडल और आदित्य कुमार मंडल के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, ये अपराधी आबादी वाले इलाकों से दूर घने जंगलों में इसलिए ठिकाना बनाते थे ताकि पुलिस की आवाजाही पर दूर से नजर रखी जा सके और नेटवर्क सिग्नल का इस्तेमाल कर बिना किसी शोर-शराबे के ठगी को अंजाम दिया जा सके।
जंगल से ऑपरेट हो रहे इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। ये अपराधी लोगों के मोबाइल पर फर्जी एपीके फाइल का लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति उस लिंक को खोलता, जंगल में बैठे इन ठगों के पास उस व्यक्ति के मोबाइल का पूरा एक्सेस पहुंच जाता था। इसके बाद हैक किए गए मोबाइल के जरिए बैंक खातों से चंद मिनटों में खून-पसीने की कमाई साफ कर दी जाती थी।
पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल, 13 सिम कार्ड और 5 बाइक बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल ये जंगल तक पहुंचने और ठगी के उपकरणों को छिपाने में करते थे।
एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से कई हिस्ट्रीशीटर हैं, जो दिल्ली और गिरिडीह के विभिन्न थानों से पहले भी जेल जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने फिर से गिरोह बनाया और इस बार ठिकाने के रूप में जंगलों को चुना। पुलिस अब इन ठगों के बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
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