पटना: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा ने फिर से सालों पुराने विवादित ढांचा विवाद को हवा दे दी है। भाजपा से लेकर जेडीयू तक सभी दलों के नेता इसे राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। इस बीच जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि इसे बिना वजह सियासत का विषय बना दिया गया है। विवादित ढांचा विवाद को न्यायपालिका ने पहले ही सुलझा दिया है। अब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में राजनीतिक पार्टियां अपनी पुरानी नाकामियों पर चर्चा करने की बजाय सिर्फ शोर मचाने में लगी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को सीखनी है तो बिहार से सीखे। नीतीश कुमार ने कब्रिस्तान और मंदिर दोनों की घेराबंदी की। यह मंदिर और मस्जिद के नाम पर राजनीति करना बहुत गलत है। राजनीति को मंदिर-मस्जिद के नाम पर चलाने वाले लोग अक्सर अपने राज्य में विकास के कामों में पीछे रह जाते हैं।
उनका कहना है कि मंदिर और मस्जिद के नाम पर राजनीति करना उन नेताओं की आदत बन गई है जो अपने राज्य के विकास और लोगों की भलाई पर ध्यान नहीं देते। चुनाव के समय ऐसे मसलों को उठाकर सिर्फ ध्यान खींचने की कोशिश की जाती है। जनता के लिए यह हकीकत में कोई मदद नहीं करता।
उन्होंने आगे कहा कि जनता को असली मुद्दों से मतलब है, जैसे कि उनकी जिंदगी बेहतर हो, उनके बच्चे सुरक्षित हों, रोजगार मिले और लोग बिना डर के अपनी इबादत कर सकें। ऐसे में मंदिर-मस्जिद के नाम पर बयानबाजी करना सिर्फ हंगामा पैदा करने जैसा है।
गौरतलब है कि विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से एक मस्जिद बनवाने की घोषणा की है। शनिवार को इसका शिलान्यास किया गया। हालांकि, राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि बाबरी मस्जिद के नाम से मस्जिद बनवाना सही नहीं है। इससे देख के लाखों लोगों की भावना को ठेस पहुंचेगी।