पटना: कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीति गर्म है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सूबे की जिम्मेदारी सौंपने की मांग तेज हो रही है। इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने राहुल गांधी की उदासीनता को कर्नाटक कांग्रेस के अंदर हो रहे विवाद का कारण बताया।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि 2023 के कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत दर्ज कराने में डीके शिवकुमार का प्रबंधकीय कौशल बहुत काम आया था। हो सकता है कि उनके दावे में दम हो कि राहुल गांधी और पार्टी के हाईकमान ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने का विश्वास जताया।"
उन्होंने कहा, "कर्नाटक में अब जो हालात हैं, उनसे पता चलता है कि डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच घमासान छिड़ा है। राहुल गांधी की उदासीनता की वजह से यहां ज्वालामुखी जैसी स्थिति है, जो कभी भी फट सकती है। इसका कारण यह होगा कि कांग्रेस एक और राज्य में सत्ता गंवा सकती है।"
राजीव रंजन ने बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हो रहे बवाल पर ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जैसे बिहार में एसआईआर के बाद शांति से चुनाव संपन्न हुए, वैसे ही पश्चिम बंगाल में भी होंगे।
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, "कुछ वीडियो वायरल हुए, जिसमें टीएमसी नेता बीएलओ को धमका रहे थे। बिहार में बुनियादी तौर पर एसआईआर तय समय सीमा के अंदर ही समाप्त हुआ।" बीएलओ पर दबाव को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि औसतन एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता होते हैं। बिहार के अंदर तो बीएलओ लगभग 250 परिवार तक पहुंचने में कोई परेशानी महसूस नहीं कर रहे थे।
उन्होंने कहा, "बिहार के अंदर शुरुआत में कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन तय समयसीमा के अंदर एसआईआर पूरा हुआ और उसी पर चुनाव हुए। ऐसे में पश्चिम बंगाल में भी एसआईआर को लेकर हल्ला करने का कोई मतलब नहीं है।"
--आईएएनएस
