जितेंद्र आव्हाड के बयान पर घमासान, चंद्रशेखर बावनकुले बोले- विधानसभा में वोट के लिए करते हैं ऐसी राजनीति

जितेंद्र आव्हाड के बयान पर घमासान, चंद्रशेखर बावनकुले बोले- विधानसभा में वोट के लिए करते हैं ऐसी राजनीति

मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड बयान के एक बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जितेंद्र आव्हाड का मानसिक संतुलन कभी-कभी बिगड़ जाता है।

दरअसल विधानसभा में चर्चा के दौरान आव्हाड ने दावा किया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज को उनके सामाजिक दर्जे के कारण शुरुआत में राज्याभिषेक से वंचित रखा गया था, हालांकि विवाद बढ़ने पर विधायक ने माफी मांग ली।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जितेंद्र आव्हाड अपनी विधानसभा में वोट हासिल करने के लिए इस तरह की राजनीति करते हैं। उनकी विधानसभा में 70 फीसदी एक जाति समूह के लोग हैं। उन्हें लगता है कि उनके बयान से उनकी विधानसभा में एक संदेश जाएगा। इसलिए वे ऐसी राजनीति करते हैं, लेकिन वोट की राजनीति में वह यह भूल जाते हैं कि पूरे महाराष्ट्र के हित को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस तरह की बयानबाजी सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए की जाती है। आव्हाड को कई बार सदन में माफी मांगनी पड़ी है, लेकिन इसके बावजूद वे इस तरह के बयान देते रहते हैं।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की तारीफ करते हुए मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने महाराष्ट्र के हित में धर्म परिवर्तन बिल जैसे मुद्दे पर समर्थन दिया है, जो राज्य की संस्कृति और संस्कार को दर्शाता है। इस तरह के मुद्दों को विपक्ष के नेता के पद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह उनका व्यक्तिगत और सकारात्मक समर्थन है, जो उन्होंने राजनीति के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के हित में दिया है।

उन्होंने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इस बिल का समर्थन किया और इसे सराहनीय बताया। यही अपेक्षा जितेंद्र आव्हाड और विपक्ष के अन्य दलों से भी थी, लेकिन राजनीति इस कदर गंदी हो गई है कि ये लोग अपने वोट बचाने के लिए इस तरह के प्रयास कर रहे हैं।

मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन (संशोधन) बिल पर कहा कि देखिए, यह जो बिल आया है, इससे पहले देश के बारह राज्यों में इस तरह का कानून पारित किया जा चुका है। संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन किसी को जोर-जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं है।

ओडिशा राज्यसभा चुनाव परिणाम पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कल ओडिशा में हुए चुनाव में बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने दिखाकर वोट किया है। यह बहुत बड़ी जीत भाजपा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में जो नया पोर्ट दिया, वहां 50000 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का निर्णय किया। वहां मुख्यमंत्री और पीएम मोदी के नेतृत्व में ही विकास हो सकता है। इसलिए वहां के विधायक ने दिखाकर वोट किया है। यह बहुत बड़ी जीत है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

Related posts

Loading...

More from author

Loading...