गोरखपुर, 3 जून (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में भूमि संबंधी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने डीएम को निर्देशित किया कि भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई क्षम्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ लोगों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की तरफ से लापरवाही किए जाने की शिकायत की तो उन्होंने डीएम को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।
एक महिला ने कुछ लोगों द्वारा मकान से बेदखल किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मकान पर महिला का कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।
जनता दर्शन में एक महिला ने मां के इलाज के लिए सहायता देने का निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। इस पर सीएम ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द इनका आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। अधिकारी हर जरूरतमंद का आयुष्मान कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उन्हें विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।