बेंगलुरु, 4 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए दो अलग-अलग मंत्रालय स्थापित करेगी। इनमें एक जन शिकायत (पब्लिक ग्रीवेंस) मंत्रालय और दूसरा प्रवासी भारतीय (एनआरआई) मंत्रालय होगा।
विधान सौधा में वरिष्ठ नौकरशाहों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, जिला प्रभारी सचिवों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित एनआरआई मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीयों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराना होगा।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार एनआरआई मंत्रालय शुरू करने की योजना बना रही है। यदि प्रवासी भारतीय कर्नाटक में निवेश करना चाहते हैं तो यह मंत्रालय उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगा। मैंने अधिकारियों को इसकी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।”
शिवकुमार ने यह भी घोषणा की कि जनता की शिकायतों, याचिकाओं और समस्याओं के समाधान के लिए एक अलग जन शिकायत मंत्रालय बनाया जाएगा, जिसके लिए एक समर्पित मंत्री की नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार में लोगों की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के लिए अलग मंत्रालय बनाया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न संगठन रोजाना विरोध-प्रदर्शन करते हैं। यह मंत्रालय उनकी समस्याओं के समाधान में मदद करेगा।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त तरीके से काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार किसी भी प्रकार के जाति, धर्म या प्रभाव के दबाव में नहीं आएगी।
उन्होंने कहा, “हमने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि वे पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम करें। सरकार जाति, धर्म या किसी प्रभाव के आगे नहीं झुकेगी। हमें उनके सहयोग की अपेक्षा है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर शिवकुमार ने कहा कि पुलिस को तालुक स्तर पर विशेष इकाइयां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो बदमाशों और आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी।
उन्होंने कहा कि पुराने और नए दोनों तरह के अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर भी असंतोष जताया और कहा कि वह स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
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