पटना: पटना में 'जनऔषधि दिवस' के अवसर पर शनिवार को जेनेरिक दवाओं के बारे में राज्य स्तरीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कई केंद्र संचालकों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर उपस्थित विधायक रत्नेश कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना गरीब जनता को किफायती स्वास्थ्य सेवा देने का एक प्रमुख प्रयास है। इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को इसका सही लाभ मिल सके।
इस मौके पर पटना के जितेंद्र कुमार, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भागलपुर स्थित जन औषधि केंद्र के संचालक अशोक भारती, मुंगेर सदर अस्पताल स्थित केंद्र के संचालक राकेश कुमार, वैशाली के संचित कुमार ठाकुर और पश्चिमी चंपारण के फनीन्द्र रंजन को पटना सिटी के विधायक रत्नेश कुशवाहा ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर बिहार राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय, ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन में ड्रग्स इंस्पेक्टर सह मेडिकल डिवाइस ऑफिसर डॉ. अमल कुमार, पीएमबीआई के पदाधिकारी कुमार पाठक, अशोक द्विवेदी और संदीप कुमार भी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए बिहार राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय ने कहा, "यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जन औषधि संचालक दवाओं के रखरखाव और तापमान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। योजना का मुख्य उद्देश्य महंगे ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएँ प्रदान करना है। "
ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन में ड्रग्स इंस्पेक्टर सह-मेडिकल डिवाइस ऑफिसर डॉ. अमल कुमार ने कहा कि पिछले चार सालों में इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ी है। सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण दवाओं की उपलब्धता के कारण ऐसा संभव हुआ है।
संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों से आए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र पूरे देश में संचालित हैं जहां लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत देश भर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में जनऔषधि के उत्पादों में 2,110 से ज्यादा दवाएं, 315 चिकित्सा उपकरण और इलाज में काम आने वाले अन्य उत्पाद शामिल हैं।
--आईएएनएस
