Jairam Thakur Statement : हिमाचल भवन और सदन को षड्यंत्र का अड्डा ना बनाएं मुख्यमंत्री: जयराम ठाकुर

एआई समिट में विरोध को बताया देश की छवि के खिलाफ, सुक्खू सरकार पर भी निशाना
हिमाचल भवन और सदन को षड्यंत्र का अड्डा ना बनाएं मुख्यमंत्री: जयराम ठाकुर

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि हार के कारण कांग्रेस के नेताओं का मानसिक संतुलन खो गया है। नरेंद्र मोदी का विरोध, भारतीय जनता पार्टी का विरोध अलग बात है और देश का विरोध अलग बात है।

उन्होंने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट पर देश ही नहीं दुनिया की निगाहें थी। 20 से ज्यादा बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। दुनिया की बड़ी से बड़ी टेक कंपनियों के मुखिया शामिल थे। वहां पर जाकर शर्टलेस प्रदर्शन कांग्रेस की असलियत को ही सामने ला रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल भवन और सदन हिमाचल की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक हैं। इसे हम षड्यंत्र का अड्डा और सराय नहीं बनने दे सकते हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के आर्थिक हालात को लेकर पूरी की पूरी कैबिनेट मुख्यमंत्री समेत दिल्ली पहुंची, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ना तो कोई प्रधानमंत्री से मिला और नहीं वित्त मंत्री से। कांग्रेस की पूरी कैबिनेट अपने-अपने नेताओं से मिलकर अपनी राजनीतिक समीकरणों को फिट करने में ही जुटी रही।

उन्होंने कहा कि हिमाचल को किसी भी प्रकार से यदि मदद होगी तो वह केंद्र सरकार से होगी, प्रधानमंत्री से होगी और वित्त मंत्री से होगी, न कि कांग्रेस के नेताओं से, लेकिन उनसे मिलने तक की जहमत किसी ने नहीं उठाई। सुक्खू सरकार का रवैया इस बात का सबूत है कि सभी लोग सिर्फ और सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं और हिमाचल के हितों के नाम पर घड़ी वाली आंसू बहा रहे हैं। इनका हिमाचल प्रदेश के हितों से कोई लेनादेना नहीं है।

इससे पहले उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न वित्तीय विषयों को उनके समक्ष रखा। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के संतुलित एवं सतत विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के विकास, आपदा राहत तथा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

 

 

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