Education Ministry India : शिक्षा मंत्रालय की पहल, देशभर के स्कूलों के लिए ‘भारतीय भाषा समर कैंप’

एक सप्ताह के विशेष शिविर में भारतीय भाषाओं के साथ सांकेतिक भाषा और सांस्कृतिक गतिविधियों पर रहेगा फोकस
शिक्षा मंत्रालय की पहल, देशभर के स्कूलों के लिए ‘भारतीय भाषा समर कैंप’

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय देश भर के छात्रों के लिए एक विशेष समर कैंप आयोजित करने जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय का यह समर कैंप भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर आधारित है। सरकार ने इसके लिए कई विशेष तैयारियां की हैं।

दरअसल ऐसा ही एक कैंप बीते साल भी आयोजित किया गया था। पिछले वर्ष ‘भारतीय भाषा समर कैंप’ को देशभर में मिली अभूतपूर्व सफलता मिली थी। इस अभियान में देश के 5.13 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। यही कारण है कि इस वर्ष शिक्षा मंत्रालय ने इस पहल को और अधिक व्यापक रूप देने का फैसला किया है। वर्ष 2025 में दिखे उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय इस गर्मी की छुट्टियों के दौरान देशभर के सभी स्कूलों में भारतीय भाषा समर कैंप 2026 आयोजित करने जा रहा है।

यह एक सप्ताह का विशेष शिविर होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराना है। कैंप के दौरान छात्र विभिन्न भारतीय भाषाओं में बुनियादी संवाद कौशल सीखेंगे। इसमें आत्म-परिचय देना, सामान्य शब्दावली सीखना, दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले वाक्य बोलना और सरल बातचीत करना शामिल रहेगा।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम को केवल भाषा सीखने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक सांस्कृतिक अनुभव के रूप में तैयार किया गया है। विद्यार्थियों को अलग-अलग राज्यों की भाषा, लोक परंपराओं, गीत-संगीत और सांस्कृतिक विशेषताओं से भी परिचित कराया जाएगा। खेल, समूह चर्चा, संवाद अभ्यास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रचनात्मक गतिविधियां इस समर कैंप का हिस्सा होंगी। इस सब से छात्रों की सीखने की प्रक्रिया रोचक और आनंददायक बनेगी। इस वर्ष के समर कैंप की सबसे खास पहल भारतीय सांकेतिक भाषा को शामिल करना है।

पहली बार विद्यार्थियों को सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी भी दी जाएगी। इससे श्रवण बाधित छात्र भी अलग अलग-अलग भाषाओं में संवाद की महत्ता कर सकेंगे। यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 की उस सोच को आगे बढ़ाती है, जिसमें समावेशी और समान शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि भारत की भाषाई विविधता देश की सबसे बड़ी सांस्कृतिक ताकत है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई भाषाएँ सीखने की रुचि पैदा करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को भी मजबूत करते हैं।

मंत्रालय ने सभी स्कूलों, शिक्षकों और अभिभावकों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। गौरतलब है कि भारतीय भाषा समर कैंप 2026 न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का अवसर होगा, बल्कि यह भारत की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

--आईएएनएस

 

 

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