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होशियारपुर, 16 मई (आईएएनएस)। पंजाब के होशियारपुर में शुक्रवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक मासूम खेलते समय बोरवेल में गिर गया। शाम करीब चार बजे घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें पहुंच गईं। वहीं, बच्चे की सुरक्षा को लेकर परिवार के लोग चिंतित नजर आए।
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे को करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 12:40 बजे बोरवेल से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। बच्चे को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया गया।
होशियारपुर की डीसी आशिका जैन के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब चार बजे यह घटना हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सभी विभागों का योगदान सराहनीय रहा। करीब नौ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया।
बोरवेल में गिरे बच्चे का नाम गुरकरण है। वह अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान पास में खोदे गए गहरे बोरवेल में उसका पैर फिसल गया और वह उसमें गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में आखिरकार बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों ने बचाव दल का धन्यवाद करते हुए कहा कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पंजाब सरकार में मंत्री डॉ. रवजोत सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया, “हमारे निर्वाचन क्षेत्र के गांव ‘चक समाना कुल्लियां’ में एक बेहद चिंताजनक घटना घटी, जहां तीन साल का एक मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया था। लेकिन ईश्वर की कृपा और प्रशासन की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल, होशियारपुर में भर्ती कराया गया है। मैंने डॉक्टरों और संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सख्त निर्देश दिए हैं कि बच्चे के इलाज में किसी भी तरह की कोई कोताही न बरती जाए और उसे सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। हम बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। मैं उन सभी लोगों और बचाव दल का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस मुश्किल समय में सहयोग दिया।”
--आईएएनएस
डीकेएम/एएस