Hardoi School Controversy : हरदोई के स्कूल से किताबें खरीदने के दबाव पर विवाद, बीएसए ने जांच में पाईं खामियां

हरदोई के स्कूल से किताबें खरीदने के दबाव पर विवाद, बीएसए ने जांच में पाईं खामियां

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई में स्कूल से किताबें खरीदने का विरोध करने पर स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा बच्चे की मां से बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल ने मामले में सफाई दी है।

एसपी तिराहा स्थित न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ने पत्रकारों से कहा कि 24 अप्रैल को स्कूल में सरकार की तरफ से टीकाकरण का कार्यक्रम था, जिसमें सभी बच्चों को टीका लगना था, इसी दौरान नीलम वहां आकर फीस न देने की बात कहने लगी और इससे पहले भी इन्होंने फीस नहीं दी थी और अपनी परेशानी बताई थी, जिसके बाद मैंने कुछ फीस माफ कर दी थी।

प्रिंसिपल ने बताया कि इन लोगों ने एक योजना बनाकर स्कूल का नाम खराब करने की कोशिश की है। परिजन जब स्कूल में किसी बच्चे को छोड़ने आते हैं तो पांच मिनट में छोड़कर वापस चले जाते हैं, लेकिन ये लोग तीन घंटे तक स्कूल में ही रहे और योजना बनाकर इसे अंजाम दिया था।

वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसकी जांच कराई गई, जो सही निकला है। इसके बाद हम लोगों ने स्कूल में निरीक्षण किया जिसमें कई कमियां मिली हैं, जिसको लेकर नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि स्कूल किसी दुकान से किताब खरीदने के लिए बोलता था, उसकी भी जांच कराई जाएगी और जो लोग भी इसमें शामिल होंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

वहीं यूकेजी की छात्रा की मां नीलम वर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गई थी, इसी दौरान पहले से ही वहां कई अभिभावक मौजूद थे तो हम भी खड़े हो गए। वहां हमने प्रिंसिपल से किताब बाद में खरीदने की बात कही, जिसके बाद वह गुस्सा हो गई और चिल्लाने लगीं। स्कूल प्रशासन ने बाद में लगभग 1200 रुपए की चार नई कॉपियां केवल स्कूल से खरीदने का दबाव बनाया।

नीलम ने बताया कि उन्हें सबके सामने अपमानित किया गया और आपत्तिजनक शब्द कहे गए। इसके साथ ही बच्चे का नाम स्कूल से काटने की धमकी भी दी गई, जिसके बाद मैंने पूरे मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी से की थी।

--आईएएनएस

 

 

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