Gujarat Natural Farming Exhibition : प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहा गुजरात, राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन

रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा, किसानों को मिला राज्य स्तरीय मंच
प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहा गुजरात, राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन

गांधीनगर: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शुक्रवार को गुजरात विधानसभा परिसर में प्राकृतिक खेती उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को रसायन-मुक्त खेती के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देना है।

विधानसभा परिसर में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के कुल नौ स्टॉल लगाए गए, जहां यह प्रदर्शित किया गया कि बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के भी उच्च गुणवत्ता वाली फसल उगाई जा सकती है।

उद्घाटन के बाद राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने स्टॉल का अवलोकन किया तथा प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। प्रदर्शनी में कामधेनु नेचुरल और प्राकृतिक कृषि फार्म, अडेसर एरिया फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, रामिबा और रामाबा प्राकृतिक खेती फार्म, नीर नेचुरल फार्म और प्रतेनमा नेचुरल फार्म सहित कई इकाइयों ने भाग लिया।

इसके अलावा गुजरात के बनासकांठा जिले के सरदारकृषिनगर में स्थित सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय और गुजरात के जूनागढ़ में स्थित जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय समेत अन्य कृषि संस्थानों ने भी अपने उत्पाद और नवाचार प्रदर्शित किए।

गुजरात विधानसभा स्पीकर शंकर चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जहर-मुक्त खेती, यानी नेचुरल खेती, अमृत की तरह है। दुनिया भर में एक बड़ी समस्या यह है कि खेती में फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड का इस्तेमाल उपज की क्वालिटी पर बहुत बुरा असर डाल रहा है। आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए, हमारे लिए नेचुरल खेती की ओर बढ़ना बहुत जरूरी है।"

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने कहा, "सबसे पहले, मैं हमारी लेजिस्लेटिव असेंबली के स्पीकर शंकर चौधरी का खास शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि उन्होंने नेचुरल फार्मिंग जैसे गंभीर मुद्दों को वह अहमियत दी जिसके वे सच में हकदार हैं, एक ऐसी अर्जेंट जरूरत जिसकी आज हमारे देश, इंसानी समाज और नेचर को बहुत जरूरत है।"

उन्होंने कहा कि किसान आज 5 से 7 लाख रुपए प्राकृतिक खेती से बचा रहे हैं, जिससे धरती भी उपजाऊ बन रही है और किसानों में खुशी भी है। जहां इस तरह की खेती हो रही है, वहां का कार्बन एक प्रतिशत से ऊपर जाकर ढाई-तीन प्रतिशत हो गया है। पानी और खर्च बच रहा है साथ ही उत्पादन बढ़ रहा है।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को राज्य स्तर पर मंच प्रदान करना और उनके प्रयासों को पहचान दिलाना है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत लंबे समय से प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देते रहे हैं। वे किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लागत कम करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी, कृषि मंत्री जीतू वाघाणी और संसदीय कार्य मंत्री ऋषिकेश पटेल भी मौजूद रहे। राज्य भाजपा अध्यक्ष और विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...