दीपिका नागर डेथ केस: पड़ोसी का दावा- घटना से पहले घर में आए थे पिता

पड़ोसी बोला- घटना से एक घंटे पहले दीपिका के पिता और रिश्तेदार घर में मौजूद थे
दीपिका नागर डेथ केस: पड़ोसी का दावा- घटना से पहले घर में आए थे पिता

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित जलपुरा गांव में नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से हड़कंप मचा है। ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगा है। अब पड़ोस में रहने वाले शख्स का कहना है कि घटना से ठीक एक घंटे पहले दीपिका के पिता और रिश्तेदार घर में मौजूद थे।

दीपिका नागर के ससुराल के पड़ोस में रहने वाले गुलजार चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि अचानक शोर सुनकर मैं घर से बाहर निकला। नीचे दीपिका गिरी हुई दिखाई दी। ऋतिक नाम का लड़का दौड़ते हुए वहां पहुंचा। उसने मुझसे अस्पताल जाने के लिए मदद मांगी। मैंने उसे गाड़ी में रखने में मदद की, तभी मनोज और ऋतिक आ गए और दोनों उसे अस्पताल लेकर गए।

उन्होंने बताया कि मैं और कुछ अन्य लोग भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जब चोट का कारण पूछा तो मनोज ने बताया कि वह छत से कूद गई हैं। इस पर पुलिस केस की बात कही गई। इलाज शुरू हुआ तो दीपिका के मायके के लोग भी पहुंच गए। हालांकि, इसके बाद डॉक्टरों ने दीपिका को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस आ गई और आगे की कार्रवाई शुरू हुई।

गुलजार ने बताया कि यह घटना लगभग 12:30 बजे की है। इससे पहले उनके घर पर दीपिका के पिता को मैंने देखा था। इस दौरान मनोज और उनके कुछ रिश्तेदार भी वहां मौजूद थे।

गुलजार का कहना है कि मनोज, दीपिका के लिए स्कूल भी बनवा रहे हैं। वह पढ़ी-लिखी है, लड़का भी उतना पढ़ा-लिखा नहीं है और मनोज भी कम पढ़े-लिखे हैं। इसी वजह से मनोज अपनी बहू दीपिका के लिए स्कूल बनवा रहे थे। अब क्यों बात बिगड़ी, इसका अंदाजा हम लोगों को नहीं है।

उन्होंने बताया कि दो साल से हमने दीपिका को कभी बिना घूंघट के नहीं देखा, ना ही हमने कोई लड़ाई देखी। ऋतिक भी शांत स्वभाव का लड़का है। उसे भी मैंने कभी किसी से लड़ते-झगड़ते नहीं देखा।

वहीं, दीपिका की मां सरोज नागर ने आईएएनएस से बताया कि रात करीब एक बजे हमें यह जानकारी मिली कि हमारी बेटी छत से गिर गई है। उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कैसे गिरी या असल में क्या हुआ था। जब हमने पूछा कि हमारी बेटी कैसे गिरी, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वे पिछले आठ महीनों से हमारी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

 

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