
सीकर: सर माधव स्कूल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ से विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सर माधव स्कूल को लेकर एक ट्रस्ट की ओर से विवाद खड़ा किया गया। बाद में कोर्ट में लड़ाई लड़ी गई और कोर्ट से वो (ट्रस्ट) लड़ाई जीत गए।
उन्होंने कहा कि ये शिक्षा का मंदिर हमारी विरासत है। आजादी से पहले का यह पहला स्कूल सीकर का था। उन्होंने कहा कि कागजों में क्या कमी रही, इन सब बातों में मैं नहीं जाना चाहता लेकिन राव राजा ने सार्वजनिक शिक्षा की एक पहल की थी। यही वजह है कि हम लोग शिक्षित होकर आगे बढ़े हैं। ऐसी संस्था पर उस ट्रस्ट को विवाद नहीं करना चाहिए था।
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि ये बहुत ही दुखद है; उनको (ट्रस्ट) भी समझना चाहिए कि इतना नीचे नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शिक्षा का जो पौधरोपण राव राजा सिंह ने किया था, उस विरासत को बचाने की और बच्चों के भविष्य का निर्माण कैसे हो, इसकी लड़ाई है। अगर वो (ट्रस्ट) समझदार हैं, तो उनको भी इस भाव को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका (ट्रस्ट) कहना है कि यहां पर वैदिक आश्रम का निर्माण करेंगे तो इसे वैदिक आश्रम ही मान लें। इसमें संस्कृत विषय भी पढ़ाओ, इसके लिए कौन मना कर रहा है? उन्होंने कहा कि मुझे तो महंत की बुद्धि पर तरस आ रहा है कि इतना बड़ा पुण्य का काम हो रहा था। उसको रोककर खलनायक बन गए। एक पुजारी की आस्था भगवान में होती है। ऐसे में वो आदमी सर्व कल्याण के काम को रोककर अपने मन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सार्वजनिक शिक्षा थी, इसको एक व्यक्ति विशेष का ट्रस्ट लेकर क्या साबित करना चाहता है।
बता दें कि सीकर में श्रीकल्याण मंदिर और प्रशासन के बीच दशकों पुराने विवाद का अंत हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ। करीब 27 साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद श्रीकल्याण मंदिर की जमीन का कब्जा मंदिर प्रशासन को मिला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माधव स्कूल का कैंपस खाली कराया गया।
--आईएएनएस
