गुजरात: भाजपा सांसद ने कन्हैया कुमार पर 'घुसपैठिए' वाली टिप्पणी को लेकर हमला बोला

सूरत, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सह-प्रवक्ता और वलसाड सांसद धवल पटेल ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कन्हैया कुमार को जेएनयू में 'टुकड़े-टुकड़े गिरोह का सरगना' बताया और उनकी टिप्पणी को विपक्षी नेताओं के उन बयानों से जोड़ा जो गुजरातियों के प्रति 'अपमानजनक' थे।

यह विवाद शुक्रवार को असम के बोंगाईगांव में एक रैली में कन्हैया कुमार द्वारा दिए गए भाषण से उपजा है, जहां उन्होंने घुसपैठ और शासन संबंधी मुद्दों पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का परोक्ष रूप से जिक्र किया।

कुमार ने रैली में कहा, “जब मैं यहां आया, तो एक पत्रकार ने मुझे बताया कि यहां का मुद्दा घुसपैठ का है। मैंने कहा कि सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है और उसे (असम के मुख्यमंत्री) हिमंत बिस्वा सरमा के साथ खदेड़ दिया जाएगा।”

कन्हैया कुमार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए धवल पटेल ने आईएएनएस को बताया कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा बयान दिया गया है। कुछ दिन पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि गुजराती अनपढ़ और मूर्ख हैं। यह दर्शाता है कि कांग्रेस के मन में 65 लाख गुजरातियों के प्रति कितनी घृणा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष घुसपैठियों का समर्थन करता है और कहा कि ऐसे बयान एक व्यापक वैचारिक स्थिति को दर्शाते हैं।

सासंद पटेल ने कहा, “कन्हैया कुमार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 'टुकड़े-टुकड़े गिरोह' से जुड़े थे। उनके इस बयान का आधार भारत का विभाजन करने की विचारधारा है, जिसमें तमिलनाडु अलग, गुजरात अलग, असम अलग और झारखंड अलग होना चाहिए। कांग्रेस और विपक्ष घुसपैठियों का समर्थन करते हैं।"

उन्होंने विपक्षी नेताओं की पिछली टिप्पणियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम में कहा था कि गुजराती घोटालेबाज हैं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा था कि गुजरातियों ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया। इस नफरत की वजह यह है कि पिछले 30 सालों से गुजरात की जनता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ-साथ उनकी राष्ट्रविरोधी और विकासविरोधी सोच को भी नकार दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि कन्हैया कुमार जैसे लोग घुसपैठियों के समर्थन में प्रदर्शन करते हैं। यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में नहीं है, बल्कि कन्हैया कुमार की 'गुजराती-विरोधी' मानसिकता को दर्शाता है।

कन्हैया कुमार की ये टिप्पणियां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े विवाद के बाद आई हैं, जिन्होंने केरल में एक रैली के दौरान गुजरात के लोगों के बारे में टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कुछ दिनों बाद अपने बयान के लिए माफी मांग ली थी।

--आईएएनएस

एमएस/

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