एनआईएसआर में योग सत्र का आयोजन, टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

एनआईएसआर में योग सत्र का आयोजन, टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 से पहले आयोजित गतिविधियों के तहत साबू थांग (लद्दाख) स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा रिग्पा (एनआईएसआर) में मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) पहल के अंतर्गत एक कॉमन योगा प्रोटोकॉल सत्र का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम योग को पर्यावरण-अनुकूल और जागरूक जीवनशैली से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के फैकल्टी, कर्मचारियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “योग अभ्यास को सचेत और कम उपभोग वाली जीवनशैली से जोड़ना” रखा गया था। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि किस तरह योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और संतुलित जीवनशैली अपनाने में भी मदद करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में टिकाऊ जीवनशैली और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना था।

सत्र का संचालन प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक गोपाल शर्मा ने किया। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इस दौरान उन्हें योग के सही अभ्यास, सांस लेने की तकनीकों और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने बताया कि नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, स्वास्थ्य सुधारने और जीवन में अनुशासन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि अगर व्यक्ति अपनी जीवनशैली में संतुलन और संयम अपनाता है, तो वह न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी कम कर सकता है।

कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, पर्यावरण अनुकूल और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि मिशन लाइफ का उद्देश्य लोगों को ऐसी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

यह कॉमन योगा प्रोटोकॉल सत्र उन कई गतिविधियों का हिस्सा है, जो संस्थान द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 से पहले आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

--आईएएनएस

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