नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिए हैं कि 2,18,807 मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) और मतदाता सहायता की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। ईसीआई ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों व 6 राज्यों में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की थी।
आयोग के अनुसार, सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं में पीने का पानी, वेटिंग एरिया, टॉयलेट, रोशनी, दिव्यांग वोटरों के लिए सही ढलान वाला रैंप, एक स्टैंडर्ड वोटिंग कम्पार्टमेंट और सही साइनेज शामिल हैं। राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे कतार में खड़े मतदाताओं के लिए नियमित अंतराल पर बैठने की व्यवस्था (बेंच) करें, ताकि वोटर अपनी बारी का इंतजार करते हुए बैठ सकें।
ईसीआई ने रविवार को जानकारी दी कि मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी पोलिंग स्टेशनों पर चार यूनिफॉर्म और स्टैंडर्ड वोटर फैसिलिटेशन पोस्टर (वीएफपी) लगाए जाएंगे। इनमें मतदान केंद्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची, क्या करें और क्या न करें, मान्य पहचान पत्रों की सूची व मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, हर मतदान केंद्र परिसर में वोटर असिस्टेंस बूथ (वीएबी) स्थापित किए जाएंगे, जहां बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या अन्य कर्मचारी मतदाताओं को उनके मतदान केंद्र और मतदाता सूची में क्रम संख्या ढूंढने में सहायता करेंगे। ये बूथ स्पष्ट संकेतों के साथ आसानी से दिखाई देंगे।
चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए एक और पहल के तहत मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी। मतदाता अपना स्विच ऑफ किया हुआ मोबाइल एक निर्धारित वॉलंटियर के पास जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद वापस ले सकेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि एएमएफ और अन्य उपायों का प्रावधान अनिवार्य है और सभी मतदान केंद्रों पर इसकी सख्ती से निगरानी की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान तिथियों से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि मतदाताओं को सहज और सुखद मतदान अनुभव मिल सके।
--आईएएनएस
