Assam Assembly Election : असम विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का किया आयोजन

असम चुनाव के लिए ECI ने अधिकारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण और समीक्षा सत्र शुरू किया।
असम विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का किया आयोजन

गुवाहाटी: भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को असम के जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस कमिश्नरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए एक ऑनलाइन समीक्षा और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह सत्र राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत किया गया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 18 फरवरी को असम का समीक्षा दौरा करते हुए कहा था कि इस बार के चुनाव पूरी तरह से हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त तरीके से कराए जाएंगे, ताकि हर वोटर उत्सव जैसी स्थिति में बिना किसी डर या पक्षपात के अपने मत का प्रयोग कर सके। इस दिशा में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था की पूरी मशीनरी की तैयारियों की समीक्षा की।

सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव योजना के सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। इसमें सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (एएमएफ) को सुनिश्चित करना, ईवीएम का प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव कर्मचारियों की ट्रेनिंग, जब्ती और कानून-व्यवस्था की तैयारी, साथ ही वोटर जागरूकता और आउटरीच गतिविधियां शामिल थीं। इसके अलावा यह भी जोर दिया गया कि पीठासीन अधिकारी मतदान के दौरान फॉर्म 17सी की हस्ताक्षरित प्रतियां मतदान एजेंटों के साथ साझा करें और हर दो घंटे पर तथा मतदान समाप्त होने पर ईसीआईएनईटी ऐप पर वोटर टर्नआउट डेटा अपडेट करें।

जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मतदान से कम से कम पांच दिन पहले सभी वोटरों को वोटर सूचना पर्चियां (वीआईएस) वितरित करें और हर घर को वोटर गाइड उपलब्ध कराएं। दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल-सक्षम वीआईएस भी जारी की जाएंगी।

साथ ही डीईओ को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया गया कि उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा ईसीआईएनईटी के ‘सुविधा’ मॉड्यूल के माध्यम से चुनाव प्रचार से संबंधित अनुमतियों के लिए की गई मांगों का निपटारा 24 घंटे के भीतर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पूरी निष्पक्षता से किया जाए।

असम के कई मतदान केंद्रों की स्थिति, खासकर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और बचाव उपायों की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी इस बार चुनाव की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें।

--आईएएनएस

 

 

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