National Security India : केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल व न्यूक्लियर खतरों से निपटने के लिए दिल्ली में फील्ड ट्रेनिंग सेंटर

DRDO ने दिल्ली में अत्याधुनिक CBRN ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया
केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल व न्यूक्लियर खतरों से निपटने के लिए दिल्ली में फील्ड ट्रेनिंग सेंटर

नई दिल्ली: नई दिल्ली में यमुना के समीप एक खाली मैदान अब सिर्फ खुला इलाका भर नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा का एक नया व हाई-टेक कवच बन रहा है। यहां केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर, अर्थात ‘सीबीआरएन’ खतरों से निपटने के लिए एक अत्याधुनिक फील्ड ट्रेनिंग और डेमोंस्ट्रेशन सेंटर स्थापित किया गया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, यानी डीआरडीओ, ने दिल्ली के बुराड़ी मैदान में इस केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) फील्ड ट्रेनिंग एवं डेमोंस्ट्रेशन सेंटर की स्थापना की है। बुधवार को इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने किया। यह केंद्र रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दिल्ली में बना यह कोई साधारण प्रशिक्षण केंद्र नहीं है। इसे सीबीआरएन ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया है। यहां तकनीक और प्रशिक्षण का जबरदस्त मेल देखने को मिलेगा। यहां रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर टेस्ट-बेड जैसी उन्नत सुविधाएं हैं, जहां असली हालात जैसे परिदृश्यों में अभ्यास किया जा सकेगा।

हेवी आयन रिसर्च सुविधा वैज्ञानिकों को गहराई से अध्ययन का मौका देगी, वहीं इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम और रियल-टाइम फील्ड यूनिट्स तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी। इस केंद्र की खासियत यह है कि यह सिर्फ सेना तक सीमित नहीं रहेगा। रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों के कर्मियों को यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया, जिसमें कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली तथा रियल-टाइम फील्ड रिस्पॉन्स यूनिट्स शामिल हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से विभिन्न आपदा स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।

आईएनएमएएस इस केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का आयोजन करेगा, जिससे नई पीढ़ी के विशेषज्ञों को तैयार किया जा सकेगा। साथ ही, नवीनतम तकनीकों और उन्नत उपकरणों के उपयोग से आपदा प्रबंधन की क्षमता को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।

इसके उद्घाटन समारोह में बुधवार को डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित रहे, जिनमें डायरेक्टर जनरल सोल्जर सपोर्ट सिस्टम डॉ. उपेंद्र कुमार सिंह, डायरेक्टर जनरल (प्रोडक्शन कोऑर्डिनेशन एवं सर्विसेज इंटरैक्शन) डॉ. चंद्रिका कौशिक और डायरेक्टर जनरल रिसोर्स एवं मैनेजमेंट डॉ. रवींद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश की सीबीआरएन आपदा प्रबंधन क्षमता को सशक्त बनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

 

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