चेन्नई/पुडुचेरी: दक्षिण भारत में चुनावी सरगर्मी के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी में गठबंधन की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) को कुल 8 सीटें दी गई हैं। इनमें से 6 सीटें आरक्षित और 2 सामान्य श्रेणी की होंगी।
इस सीट-बंटवारे के समझौते पर वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए गठबंधन की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले 21 मार्च को विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) पार्टी के नेता और सांसद थोल. थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि 25 साल की राजनीतिक यात्रा के बावजूद पार्टी को आज भी पर्याप्त चुनावी अवसर हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "25 साल बाद भी यह राजनीतिक मैदान हमारे लिए नया जैसा लगता है। हम पूरी तरह से इसके अनुरूप ढल नहीं पाए हैं और सामाजिक माहौल भी हमारे पक्ष में नहीं रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि उनकी पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे।
वहीं, पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन वार्ता पूरी हो चुकी है। इसके बाद डीएमके ने 13 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कुल 14 सीटें डीएमके को मिली थीं, जिनमें से एक सीट वीसीके को दी गई है।
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा, असम, केरल और पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सीट बंटवारे के बाद अब उम्मीदवारों के प्रचार और चुनावी रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन राज्यों में गठबंधन समीकरण चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
--आईएएनएस
