Devendra Fadnavis Statement : सीएम फडणवीस ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती के लिए केंद्र की सराहना की

फडणवीस बोले- ड्यूटी कटौती से तेल कीमतों का बोझ नहीं बढ़ेगा, अफवाहों से बचने की अपील
महाराष्ट्र: सीएम फडणवीस ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती के लिए केंद्र की सराहना की

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करने के केंद्र सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय उपभोक्ताओं को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के दुष्परिणामों से सुरक्षा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सरकार के इस कदम को वैश्विक ऊर्जा अस्थिरता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक उपाय बताया। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में तत्काल प्रभाव से 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है।

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि जहां श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ने स्थिरता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का वित्तीय बोझ आम नागरिक पर न पड़े।

उन्होंने आगे कहा कि जहां पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देश ईंधन आपूर्ति बंद होने की समस्या का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत के प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे पास पर्याप्त भंडार है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से घबराहट में खरीदारी न करने का आग्रह किया और पुष्टि की कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू भंडार 60 दिनों से अधिक के लिए सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देशव्यापी लॉकडाउन या ईंधन की कमी के झूठे दावे फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कर कटौती का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को समर्थन देना भी है, जिससे वे खुदरा कीमतों में वृद्धि किए बिना आयात की उच्च लागत को वहन कर सकें।

मुख्यमंत्री का यह बयान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा नागरिकों से लॉकडाउन की अफवाहों पर विश्वास न करने के आग्रह के बाद आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लॉकडाउन लागू करने का कोई इरादा नहीं है और वैश्विक संघर्ष के समय अफवाहें फैलाना देश के लिए खतरनाक है, इस पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

मंत्री पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे: या तो अन्य देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए कीमतों में भारी वृद्धि करना, या फिर अपने वित्त पर बोझ उठाना ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी वित्त पर बोझ उठाने का निर्णय लिया। आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस दौर में तेल विपणन कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में काफी कमी की है।

--आईएएनएस

 

 

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