Delhi Congress : बेरोजगारी और नशा तस्करी को लेकर देवेंद्र यादव ने जताई चिंता, बोले-संविधान को मजबूत रखना हम सबकी जिम्मेदारी

Devender Yadav ने अंबेडकर जयंती पर संविधान और रोजगार संकट पर जताई चिंता
बेरोजगारी और नशा तस्करी को लेकर देवेंद्र यादव ने जताई चिंता, बोले-संविधान को मजबूत रखना हम सबकी जिम्मेदारी

नई दिल्ली: दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने अंबेडकर जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी लोगों के लिए खुशी का मौका है कि आज अंबेडकर जयंती है।

उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि संविधान के निर्माण में डॉ. अंबेडकर की ओर से दिया गया योगदान काफी अहम है। उन्होंने संविधान में सभी लोगों को समानता का अधिकार दिया।

उन्होंने दावा किया कि आज की तारीख में देश के हालात ठीक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम संविधान में बाबा साहेब द्वारा बताए गए सिद्धांतों को अपने व्यावहारिक जीवन में लागू करें। हम लोग भाईचारा बढ़ाएं और जो साथी पिछड़े हैं, उन्हें बराबर में लाने का काम करें।

प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि आज डॉ अंबेडकर जयंती को कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी मनाया। इस खास मौके पर हम सभी लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि हम संविधान को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं पड़ने देंगे। हम सभी लोग सबको साथ लेकर देश की तरक्की के लिए काम करेंगे।

इसके अलावा, उन्होंने नोएडा में श्रमिकों की ओर से वेतन वृद्धि को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन गारंटी सभी का अधिकार है। इससे किसी को भी वंचित नहीं किया जा सकता।

साथ ही, उन्होंने बेरोजगारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। पहले लोग इस आस से दिल्ली की ओर रवाना हुआ करते थे कि उन्हें रोजगार मिलेगा। उन्हें इस बात की उम्मीद हुआ करती थी कि उन्हें कहीं और नहीं, तो दिल्ली में जरूर रोजगार मिलेगा, लेकिन मौजूदा स्थिति अपेक्षित स्थिति से बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। आज की तारीख में देशभर में नशा तस्करी और बेरोजगारी बढ़ गई है। लोगों को समझ नहीं आ पा रहा है कि क्या किया जाए।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। यह बहुत ही जल्दी में किया जाने वाला एक कार्य है, जिसे मौजूदा समय में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस वजह से इसमें त्रुटि हो सकती है। अब हमारी यही मांग थी कि इन त्रुटियों को खत्म किया जाए। बाकी जो कोर्ट की ओर से आदेश दिया जाएगा, उसे माना जाएगा।

--आईएएनएस

 

 

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