Marginalized Groups : दिल्ली में रह रहे बंजारा समुदाय को आप और भाजपा की सरकार ने हाशिए पर धकेल दियाः देवेंद्र यादव

दिल्ली कांग्रेस ने बंजारा समुदाय की समस्याओं को उठाने का दिया आश्वासन
दिल्ली में रह रहे बंजारा समुदाय को आप और भाजपा की सरकार ने हाशिए पर धकेल दियाः देवेंद्र यादव

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि बंजारा समुदाय दिल्ली का अभिन्न अंग है। उन्होंने राजधानी की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। जब से आम आदमी पार्टी और उसके बाद भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से उन्हें पूरी तरह से हाशिए पर धकेल दिया गया है और उनकी समस्याओं पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है।

रविवार को राजीव भवन स्थित डीपीसीसी कार्यालय में बंजारा समुदाय के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में देवेंद्र यादव ने कहा कि जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी, तब बंजारा समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व और मान्यता दी गई थी। कांग्रेस सरकार ने समुदाय को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को संबोधित किया था, विशेष रूप से उन्हें रहने और अपने पारंपरिक व्यापार को जारी रखने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराए थे। कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद लगातार सरकारों ने बंजारा समुदाय की शिकायतों और समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह समुदाय राजधानी में अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है। रेखा गुप्ता की सरकार ने उनकी समस्याओं को हल करने की जहमत नहीं उठाई है।

देवेंद्र यादव ने आगे कहा कि बंजारा समुदाय भारत के प्राचीन और महत्वपूर्ण घुमंतू समुदायों में से एक है, जिन्हें लम्बानी, लबाना, गोर या सुगली जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है, जिन्होंने दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बंजारा समुदाय मुख्य रूप से राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में निवास करता है, लेकिन राजधानी में भी इनकी अच्छी खासी संख्या है। ये लोग लोहे और एल्युमीनियम के बर्तन और औजार बनाकर अपना जीवन यापन करते हैं, जो लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बंजारा समुदाय की एक समृद्ध परंपरा है, क्योंकि वे पहले व्यापार के लिए प्रसिद्ध थे। बैलगाड़ियों का इस्तेमाल करके वे अनाज, नमक और अन्य आवश्यक वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते थे, जब परिवहन सीमित था। इसलिए उनका योगदान अमूल्य माना जाता है। बंजारा समुदाय पहले खानाबदोश जीवन जीता था, लेकिन आज अधिकांश बंजारा स्थायी रूप से बस गए हैं और कृषि, मजदूरी और छोटे व्यवसायों से अपनी आजीविका कमाते हैं। वे शिक्षा के क्षेत्र में भी धीरे-धीरे प्रगति कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से वे दयनीय परिस्थितियों में रह रहे हैं। इनको न तो पिछली आम आदमी सरकार और न ही वर्तमान भाजपा सरकार ने उचित आवास उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं।

उन्होंने बंजारा समुदाय के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि दिल्ली कांग्रेस उनकी समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाएगी और उचित मंचों पर उन्हें संबोधित करेगी ताकि उन्हें सम्मानजनक और गरिमापूर्ण जीवन जीने का न्याय मिल सके। हम सभी को ऐसे समुदायों की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और उन्हें समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बंजारा समुदाय हमारी सांस्कृतिक विविधता का एक अनमोल हिस्सा है, जिसे हमें समझना और संजोना चाहिए।

राजीव भवन में आयोजित सम्मेलन में बंजारा संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व नगर पार्षद पृथ्वी सिंह राठौर, जीपी पवार, चंपीलाल राठौर, कैलाश राठौर, जय पाल राठौर सहित समुदाय के अन्य लोग उपस्थित थे।

--आईएएनएस

ओपी/एबीएम

 

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