Delhi NCR AQI Update : तेज हवाओं के चलते एक्यूआई में सुधार, लोग ले रहे हैं राहत की सांस

लोनी और चांदनी चौक में ज्यादा प्रदूषण, आया नगर रहा बेहतर
एनसीआर : तेज हवाओं के चलते एक्यूआई में सुधार, लोग ले रहे हैं राहत की सांस

नोएडा: तेज हवाओं के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार दर्ज किया गया है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है, जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस हो रही है।

हालांकि अभी भी अधिकांश स्थान ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी के बीच बने हुए हैं। गाजियाबाद में यूपीपीसीबी के चारों स्टेशन सक्रिय पाए गए। इंदिरापुरम का एक्यूआई 232, लोनी का 268, संजय नगर का 181 और वसुंधरा का 233 दर्ज किया गया। इनमें लोनी सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी के करीब पहुंच गया, जबकि संजय नगर अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में रहा।

नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 199, सेक्टर-62 में 164, सेक्टर-1 में 213 और सेक्टर-116 में 194 रिकॉर्ड किया गया। सेक्टर-62 का स्तर सबसे कम रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जबकि सेक्टर-1 में 213 का स्तर ‘खराब’ श्रेणी की ओर इशारा करता है। दिल्ली में भी कई मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े सामने आए हैं।

अलीपुर में एक्यूआई 189, आनंद विहार में 244, अशोक विहार में 224, आया नगर में 138, बवाना में 219, बुराड़ी क्रॉसिंग में 195, चांदनी चौक में 246, सीआरआरआई मथुरा रोड में 161, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 211 और डीटीयू में 189 दर्ज किया गया। इनमें चांदनी चौक (246) और आनंद विहार (244) सबसे अधिक प्रदूषित रहे, जबकि आया नगर (138) सबसे बेहतर स्थिति में रहा।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 21 फरवरी को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 13 दर्ज किया गया। 22 फरवरी को भी तापमान 29 और 13 डिग्री रहने की संभावना है। 23 फरवरी को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगी, जो 30 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री रहने का अनुमान है। इन तीनों दिनों में हल्की धुंध की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है और फिलहाल कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं के कारण प्रदूषक कणों का फैलाव हुआ है, जिससे एक्यूआई में सुधार हुआ है। आने वाले दिनों में सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होगी, जबकि दिन में तेज धूप खिलने की संभावना है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति कम होते ही प्रदूषण स्तर दोबारा बढ़ सकता है।

--आईएएनएस

 

 

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