नई दिल्ली: दिल्ली में शुक्रवार को चैत्र नवरात्र की महानवमी के दिन सुबह से ही देवी के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। झंडेवालान मंदिर और कालकाजी मंदिर में तो देर रात से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर कोई माता रानी का आशीर्वाद लेने पहुंचा।
झंडेवालान मंदिर को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया था और चारों तरफ भक्ति का रंग छाया हुआ नजर आ रहा है। यहां के पुजारी परमेश्वर जी ने सभी श्रद्धालुओं को नव संवत्सर और राम नवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि आज का दिन बहुत खास है क्योंकि एक तरफ भगवान राम का जन्मोत्सव है, वहीं दूसरी तरफ नवरात्र का नौवां दिन भी है, जिसे मां सिद्धिदात्री को समर्पित माना जाता है।
पंडित जी ने बताया कि मां सिद्धिदात्री सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। आज के दिन कंचक पूजन का बहुत महत्व होता है। जो लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, वे आज कन्या पूजन करके अपना व्रत खोलते हैं। इस दौरान छोटी-छोटी कन्याओं को मां का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, उन्हें भोजन कराया जाता है और कपड़े, फल या दक्षिणा दी जाती है।
मंदिर में आए एक भक्त ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मैं हर साल नवरात्र में पूरे नौ दिन आती हूं। सुबह-सुबह मंदिर आकर पूजा करती हूं और नवमी के दिन कन्या पूजन करती हूं। माता रानी से जो भी मांगो, वह जरूर पूरा करती हैं। कई बार तो बिना मांगे भी बहुत कुछ मिल जाता है।"
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, "आज तो हम सुबह तीन बजे ही उठ गए थे ताकि समय पर मंदिर पहुंच सकें। यहां आकर मन को बहुत शांति मिलती है। हम पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं और माता के दरबार में आकर ही अपना व्रत खोलते हैं।"
उधर कालकाजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में 'जय माता दी' के जयकारे गूंज रहे हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
--आईएएनएस
