नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को निर्देश दिया है कि वह पूर्व सांसद और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व नेता के. कविता द्वारा दायर याचिका पर जल्द से जल्द फैसला करे। इस याचिका में उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ के रजिस्ट्रेशन की मांग की है।
मामले की सुनवाई के दौरान के. कविता की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने काफी समय पहले चुनाव आयोग में पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि आयोग ने न तो आवेदन को आगे बढ़ाया है और न ही देरी का कोई स्पष्ट कारण बताया है, जिससे उनका आवेदन अभी भी लंबित पड़ा हुआ है।
कविता के वकील ने अदालत में यह भी दलील दी कि इस मामले में जल्द निर्णय होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में आने वाले समय में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं, जिनमें जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों और मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों यानी एमपीटीसी के चुनाव भी शामिल हैं। ऐसे में यदि उनकी पार्टी का समय रहते रजिस्ट्रेशन नहीं होता है, तो वे इन चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह के. कविता की अर्जी पर जल्द विचार करे और उचित समय सीमा के भीतर फैसला सुनाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में अनावश्यक देरी से आवेदक को नुकसान हो सकता है, इसलिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
अब इस मामले में सबकी नजर चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी है। माना जा रहा है कि आयोग जल्द ही इस पर निर्णय ले सकता है। वहीं, के. कविता की नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, खासकर तेलंगाना में होने वाले आगामी स्थानीय चुनावों को देखते हुए यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है।
--आईएएनएस
