Bikash Bhattacharya Statement : सीपीआईएम नेता भट्टाचार्य का टीएमसी पर तीखा हमला, बैठक को बताया 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक'

दोबारा मतदान और चुनावी मुद्दों पर सीपीएम का टीएमसी पर हमला
सीपीआईएम नेता भट्टाचार्य का टीएमसी पर तीखा हमला, बैठक को बताया 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक'

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दोबारा मतदान और संबंधित मुद्दों पर सीपीआई(एम) नेता एवं वरिष्ठ वकील बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है।

दोबारा मतदान को लेकर भट्टाचार्य ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह उसी मतदान की पुनरावृत्ति है जो पिछली बार हुआ था। लोग अपनी राय देने के लिए वोट डालने बाहर आ रहे हैं। अब देखते हैं कि इसका नतीजा क्या निकलता है।"

चुनाव आयोग के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सही ठहराए जाने पर भट्टाचार्य ने कहा कि यह एक कानूनी मामला था, जिसकी बहुत जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने सही किया। चुनाव कैसे कराए जाएं, यह चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है। कोर्ट के पास मना करने के अलावा कोई चारा नहीं था, क्योंकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना बाधा के संपन्न होना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा पार्टी नेताओं के साथ की गई वर्चुअल बैठक पर बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने इसे 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक' बताया। उन्होंने कहा, "टीएमसी एक ऐसी पार्टी है जिसका असली नियंत्रण गुंडों के हाथ में है। वे इस बार पिछले चुनावों जितना प्रदर्शन नहीं कर पाए, इसलिए हताश हैं। अब गुंडा नेताओं का हौसला बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।"

अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती का स्वागत करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, "मतगणना पूरी तरह बाधामुक्त होनी चाहिए। “लोकतंत्र में लोगों का विश्वास बनाए रखना बहुत जरूरी है। अगर यह विश्वास टूटा तो अराजकता फैल सकती है, जो देश के लिए खतरनाक है।"

कालीघाट पुलिस स्टेशन के ओसी की बंदूक के साथ वायरल तस्वीर पर उन्होंने कहा, "प्रशासन को कानून के अनुसार काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक आकाओं की मर्जी से। अगर प्रशासन कानून के दायरे में रहकर काम करता है तो कोई समस्या नहीं होगी।”

--आईएएनएस

 

 

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