नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश कर मतदाता सूची में हेराफेरी, संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों पर खतरे को लेकर तत्काल चर्चा की मांग की है। इस प्रस्ताव में भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया गया है। टैगोर ने लोकसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है, ताकि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा की गई एक महीने की जांच के आधार पर, मणिकम टैगोर ने दावा किया कि 2034 के आम चुनावों के दौरान बैंगलोर सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में फर्जी और डुप्लिकेट मतदाता सत्यापन के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, बिहार एसआईआर में भी मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ियों की बात उजागर हुई है। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में जीवित मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए, गलत नियुक्तियां की गईं और उन्हें चुनाव आयोग की सूची से हटा दिया गया। यह सब सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने के लिए जनसांख्यिकी में हेरफेर करने के उद्देश्य से किया गया।






