
कोच्चि: कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड ने शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अर्जी दाखिल कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
यह कदम विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के आवास और कंपनी से जुड़े दफ्तरों पर छापेमारी के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है।
इस अपील में हाल ही के सिंगल-बेंच के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें ईडी की जांच जारी रखने की अनुमति दी गई थी और कंपनी के अधिकारियों को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया गया था।
सीएमआरएल ने अब डिवीजन बेंच से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका तर्क है कि ईडी की समानांतर जांच कानूनी रूप से मान्य नहीं है, क्योंकि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) पहले से ही इन लेन-देनों की विस्तृत जांच कर रहा है।
कंपनी ने यह भी तर्क दिया है कि इन आरोपों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधान लागू नहीं होते हैं और इसलिए ईडी के पास मामले को आगे बढ़ाने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
यह कानूनी कदम वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस से जुड़े उस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में तेजी से हो रहे घटनाक्रमों के बीच उठाया गया है, जिसमें कथित तौर पर सीएमआरएल से बिना कोई सेवा प्रदान किए 1.72 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए थे।
ईडी की कार्रवाई जस्टिस टीआर रवि द्वारा सीएमआरएल अधिकारियों की उन याचिकाओं को खारिज किए जाने के तुरंत बाद शुरू हुई, जिनमें जांच को रद्द करने की मांग की गई थी। फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर, ईडी की टीमों ने तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के किराए के आवास पर, साथ ही सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें मैनेजिंग डायरेक्टर शशिधरन कार्था भी शामिल हैं, उनके घरों और कार्यालयों पर समन्वित तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
इन छापों से राजधानी में भारी राजनीतिक हलचल मच गई और हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। तलाशी के बाद सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर ईडी के वाहनों पर हमला कर दिया।
अब तक हमले के मामले में सीपीआई (एम) के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
--आईएएनएस
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