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रायपुर, 30 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने पाण्डुका में नेशनल हाईवे 30 पर जाम लगा दिया। इसकी वजह से हाईवे पर करीब दो घंटे के जाम से आवागमन अवरुद्ध रहा। इस दौरान किसानों ने सरकार और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में खाद की भारी कमी से जूझ रहे हैं। खरीफ फसल की बुवाई एवं खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खाद के लिए परेशान होकर भटक रहे हैं।
खाद की अनुपलब्धता के कारण खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी लगातार कमजोर होती जा रही है। वर्तमान स्थिति में कालाबाजारी एवं अवैध रूप से अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कुछ व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। इससे छोटे एवं गरीब किसानों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।
किसानों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें। किसानों ने सरकार से क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों एवं खाद केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, समय पर एवं उचित मूल्य पर खाद वितरण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
इसके अलावा किसानों ने खाद की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई, खाद प्राप्त करने के लिए सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था, जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराने और खाद संकट को दूर करने के लिए विशेष आपूर्ति अभियान चलाने की मांग छत्तीसगढ़ सरकार से की है।
किसानों ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है, इसलिए पाण्डुका में चक्का जाम किया गया था। सरकार को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध कराना चाहिए। अगर ये मांग पूरी नहीं होगी तो आगे बड़े आंदोलन और प्रदर्शन होंगे। प्रदर्शन में शामिल एक किसान ने कहा कि उनके पास 3 एकड़ खेत है, जबकि 2 बोरी खाद मिली है। इतने कम खाद में खेती करना मुश्किल है। सरकार को प्रति एकड़ कम से कम 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी डीएपी खाद देनी चाहिए। पहले सरकार में खाद पर्याप्त मात्रा में मिलती थी।
--आईएएनएस
ओपी/एबीएम