छात्रों को लैब से बाहर अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी आईआईटी की फेलोशिप

छात्रों को लैब से बाहर अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी आईआईटी की फेलोशिप

नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। आईआईटी की विशिष्ट रूप से संरचित एक्सप्लोरर फेलोशिप 2026 छात्रों को एक अलग तरह का अवसर दे रही है। यह फेलोशिप छात्रों को वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से भारत को जानने और समझने का अवसर प्रदान कर रही है। छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी ने यह पहल की है।

आईआईटी का कहना है कि एक्सप्लोरर फेलोशिप एक अनूठा कार्यक्रम है। यह छात्रों को लैब व क्लासरूम से बाहर निकल कर विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों से संवाद स्थापित करने का मौका दे रही है। यह फेलोशिप 18 वर्ष से अधिक आयु के आईआईटी छात्रों के लिए है। इसमें प्रतिभागियों को भारत के छह राज्यों की यात्रा का मौका मिलेगा। इन राज्यों में कम से कम एक राज्य पूर्वोत्तर भारत से, एक दक्षिण भारत से और एक उत्तर भारत से होना अनिवार्य है।

छात्रों को स्लीपर श्रेणी की रेल यात्रा अथवा राज्य परिवहन बसों का उपयोग करना होता है तथा यूथ हॉस्टल और होमस्टे जैसे किफायती आवासों में ठहरना होगा। इसके साथ ही यह छात्रों का लचीलापन, अनुकूलन क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। आईआईटी में पढ़ रहे छात्रों को सहयोग प्रदान करने हेतु आईआईटीजीएन ने एक सुव्यवस्थित कम-व्यय यात्रा ढांचे के अंतर्गत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।

इससे छात्र देशभर की यात्रा करते हुए संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक प्रबंधन करना सीख सकते हैं। यह कुल मिलाकर एक छह-सप्ताह का कार्यक्रम है। वर्ष 2026 संस्करण के लिए अभी तक 63 छात्र टीमों से आवेदन प्राप्त हुए। चयन प्रक्रिया के उपरांत इनमें से 56 टीमों का चयन किया गया है।

आईआईटी के डीन, स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. मनीष कुमार ने कहा, “आईआईटी संस्थानों में अपनी तरह की यह पहली पहल छात्रों को परिसर से बाहर निकलकर लोगों, समुदायों और वास्तविकताओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है। भारत की यात्रा करते हुए और अपरिचित परिस्थितियों का सामना करते हुए छात्र आत्मविश्वास, सहानुभूति, स्वतंत्रता और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। यह कार्यक्रम छात्रों को समग्र शिक्षा प्रदान करने की आईआईटी की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।"

यह अनुभव छात्रों को भारत के विभिन्न वास्तविक जीवन परिदृश्यों से जोड़ते हुए उनमें टीमवर्क, अनुकूलन क्षमता और सार्थक सहपाठी संबंधों का विकास करता है। अपनी यात्राओं के दौरान छात्र स्थानीय संस्कृतियों, हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपराओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, विरासत स्थलों, सामुदायिक उद्यमों तथा विविध सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करते हैं। इससे यह फेलोशिप कक्षा से बाहर सीखने का एक अनूठा अवसर बन जाती है।

एक्सप्लोरर फेलोशिप कार्यक्रम के संयोजक प्रो. चेतन डी. पहलाजानी ने बताया, "फेलोशिप कार्यक्रम की सबसे रोचक बातों में से एक यह है कि हर वर्ष छात्र अपनी यात्रा को किसी नवीन विषय के इर्द-गिर्द संगठित करने के लिए अत्यंत रचनात्मक विचार प्रस्तुत करते हैं। इन विषयों में वास्तुकला, बांध, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधताएं तथा पारंपरिक परिधानों की विभिन्न शैलियां शामिल रही हैं।"

एक्सप्लोरर फेलोशिप के जरिए आईआईटी ऐसे सर्वांगीण छात्रों का निर्माण करना चाहता है जो सामाजिक रूप से जागरूक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और किसी भी नए वातावरण में आत्मविश्वास के साथ कार्य करने में सक्षम हों।

--आईएएनएस

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