नई दिल्ली: चैत्र नवरात्र के चौथे दिन बड़ी संख्या में भक्त देवी मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शक्तिपीठ मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है और लंबी लाइन में लगकर भक्त मां के दर्शन का सौभाग्य पा रहे हैं।
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, नैना देवी मंदिर और हरिद्वार के सुरेश्वरी देवी मंदिर में भक्त लगातार दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
माता वैष्णो देवी मंदिर में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेरठ से दर्शन करने पहुंची महिला श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में बहुत भीड़ है लेकिन मां के हौसले के साथ हम कठिन चढ़ाई चढ़ने के लिए तैयार हैं। मंदिर में सुरक्षा भी कड़ी है और थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चेकपोस्ट बना रखी हैं, जहां गाड़ियों का नंबर नोट किया जा रहा है। हर जगह पुलिस और सेना के जवान तैनात हैं। हम बहुत भाग्यशाली हैं, जिन्हें मां ने नवरात्र के समय दर्शन के लिए बुलाया है।
अन्य महिला ने आईएनएस से बात करते हुए कहा कि वह काफी समय से माता रानी के दर्शन का प्लान बना रही थी लेकिन अब जाकर मां ने बुलाया है। हम सबका सौभाग्य है कि मां ने बुलाया है।
वहीं बिलासपुर के मां नैना देवी मंदिर में भी भक्त लगातार दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और शक्तिपीठ मंदिर होने की वजह से भक्तों की मां पर आस्था बहुत ज्यादा है। मंदिर के अधिकारी चतर सिंह ने बताया, "नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सामुदायिक भोज (भंडारा) की भी तैयारी चल रही है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्तों को लाइन के जरिए दर्शन कराया जा रहा है। मां जगदम्बा से यही प्रार्थना है कि वे हर भक्त की मुराद पूरी करें।"
हरिद्वार के मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में भी भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए बरगद के पेड़ पर लगे धागे भी बांध रहे हैं। सिद्धपीठ सुरेश्वरी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी कीर्ति बल्लभ तिवारी ने बताया, आज के दिन देवी भगवती की पूजा उनके कूष्मांडा रूप में की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, जिनमें स्कंद पुराण का भी उल्लेख है, सभी देवताओं ने, जिनमें देवताओं के राजा इंद्र भी शामिल हैं, यहां देवी की पूजा की है। ऐसा माना जाता है कि माता रानी अपने भक्तों की सभी मनोकामना का फल प्रदान करती हैं।
--आईएएनएस
