ऋषिकेश, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। श्रद्धालुओं के सुगम और सुरक्षित दर्शन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं। विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया है। इसी के तहत ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप बनाए गए हैं।
चारधाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी प्रजापति नौटियाल ने आईएएनएस को बताया कि चारधाम यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। हम उम्मीद करते हैं कि सभी तीर्थयात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पहले इस परामर्श को पढ़ें, समझें और उसी के अनुसार अपनी योजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि अगर आपको चक्कर आना, सीने में दर्द या सिरदर्द जैसे कोई लक्षण महसूस होते हैं, तो आपको उचित स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए या ओपीडी जाकर यात्रा मार्गों पर उपलब्ध मेडिकल टीमों से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में ट्रांजिट रूम हैं। 5 टीमें श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच में जुटी हैं। 50 साल से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं की जांच की जाती है। वे बीपी और शुगर लेवल जैसी बीमारियों की जांच करा रहे हैं। ओपीडी में भी बीमारों को सही ढंग से दवा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारी ने बताया कि अब तक एक हजार से अधिक श्रद्धालु यहां अपनी स्वास्थ्य जांच और ओपीडी में इलाज करा चुके हैं।
ओएसडी प्रजापति नौटियाल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सभी की यात्रा मंगलमय हो। मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी इस यात्रा पर नजर बनाए हुए हैं।
चिकित्सा अधिकारी यशोदा पाल ने बताया कि अधिकतर मरीज घुटने और कमर दर्द की शिकायत लेकर आए हैं। सांस की बीमारी, शुगर और बीपी के मरीज भी आए हैं, जिनका पहले से इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि 70 साल से अधिक उम्र बीपी और शुगर मरीजों को दवा दी जा रही है। उन्हें समय पर दवा लेने की सलाह भी दी जाती है। बीपी और शुगर कंट्रोल करने पर ही वे यात्रा करें। यशोदा पाल ने बताया कि सांस की बीमारी वाले मरीजों को रुक-रुककर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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