बारामती उपचुनाव: रोहित पवार का कांग्रेस से आग्रह, सुनेत्रा पवार के खिलाफ वापस लें नामांकन

बारामती उपचुनाव: रोहित पवार का कांग्रेस से आग्रह, सुनेत्रा पवार के खिलाफ वापस लें नामांकन

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने गुरुवार को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात की। उन्होंने बारामती उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार आकाश मोरे को नामांकन वापस लेने का आग्रह किया, ताकि एनसीपी उम्मीदवार और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का चुनाव बिना किसी मुकाबले के हो सके।

इस अपील की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापसी की आखिरी तारीख है। इस बारामती उपचुनाव में कुल 47 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।

मुलाकात के बाद रोहित पवार ने मीडिया से कहा, "मैंने कांग्रेस अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह अपने उम्मीदवार का नाम वापस लें। इससे सुनेत्रा पवार का बिना मुकाबले चुनाव संभव होगा। यह जरूरी है, क्योंकि यह उपचुनाव हमारे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा है और बिना मुकाबले चुनाव उन्हें श्रद्धांजलि देने का सही तरीका होगा। अब यह कांग्रेस पार्टी पर निर्भर है कि वह क्या फैसला करती है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस इस मामले में संवेदनशील और उचित निर्णय लेगी।"

रोहित पवार ने यह भी बताया कि कांग्रेस ने हमेशा यह मांग की है कि अजीत पवार की हवाई हादसे में मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय से इस दिशा में प्रयास किया और अंततः कांग्रेस सरकार की मदद से कर्नाटक में एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस मुलाकात के दौरान रोहित पवार ने कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला से वीडियो कॉल भी करवाई और उन्हें स्थिति की संवेदनशीलता के बारे में जानकारी दी।

रोहित पवार ने कहा, "अजीत दादा जैसे वरिष्ठ नेता के निधन के बाद यह जरूरी है कि इस चुनाव को भावनात्मक नजरिए से देखा जाए। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। एक परिवार के सदस्य और कार्यकर्ता होने के नाते मैंने कांग्रेस से अपील की कि वह अपना नामांकन वापस ले।"

उन्होंने यह भी कहा कि हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवार का नामांकन वर्तमान प्रशासन की जांच प्रक्रिया से असंतोष के कारण किया गया था। कांग्रेस नेताओं को चिंता थी कि अगर अजीत पवार जैसे वरिष्ठ नेता को न्याय या उचित जांच नहीं मिलती, तो आम आदमी वर्तमान प्रशासन से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे कर सकता है।

इससे पहले सुनेत्रा पवार ने भी हर्षवर्धन सपकाल से दो बार व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया और बिना मुकाबले चुनाव का रास्ता बनाने का अनुरोध किया। महाराष्ट्र कांग्रेस नेतृत्व ने अंतिम निर्णय दिल्ली में हाईकमान पर छोड़ दिया है। एक कांग्रेस सूत्र ने बताया, "बारामती में चुनाव लड़ने का निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया था। इसलिए नामांकन वापसी का कोई भी कदम हाईकमान से सलाह लेकर ही हो सकता है।"

साथ ही, हाल ही में एनसीपी सांसद पार्थ पवार द्वारा कांग्रेस की गिरावट को लेकर दिए गए बयान पर रोहित पवार ने खेद जताया। उन्होंने कहा, "पार्थ का बयान गलत था और इसके लिए मैं माफी व्यक्त करता हूं। इस समय जरूरत है कि सभी एक साथ आएं। परिवार और राजनीतिक दल में एकता बनाए रखना इस दुःख की घड़ी में सबसे जरूरी है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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