बुरहानपुर: ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ के तहत गर्भवती महिलाओं ने लिया स्वास्थ्य संबंधित परामर्श

बुरहानपुर, 9 मार्च (आईएएनएस)। जिला चिकित्सालय, बुरहानपुर में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत एएनसी ओपीडी में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 40 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जांच की गई।

जांच के दौरान चार गर्भवती महिलाओं को गंभीर गर्भावस्था की श्रेणी में चिह्नित किया गया, जिनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष सावधानी बरतने और नियमित निगरानी रखने की सलाह दी गई। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, समय पर जांच, पोषण और प्रसव के दौरान तथा बाद में मां और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सहायता के लिए टोल फ्री नंबर भी साझा किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित गर्भावस्था को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।

जिला अधिकारी सीमा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर महीने की 9 तारीख को जांच शिविर आयोजित किया जाता है। गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इस दौरान यूरिन और खून की जांच की जाती है। इसके अलावा, अन्य जांचें भी नि:शुल्क तौर पर की जाती हैं। शारीरिक परीक्षण के अलावा, मानसिक परीक्षण को भी प्रमुखता दी जाती है।

लाभार्थी अनीता मुरलीधर ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत यहां पर स्वास्थ्य संबंधित परामर्श दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान क्या करे, क्या न करे, इस पर भी डॉक्टरों द्वारा जानकारी दी जाती है। साथ ही टोल फ्री नंबर भी दिया गया है, जहां हम अपनी समस्या या फिर कोई सवाल जो हमारे जहन में चल रहा है, उसे पूछ सकते हैं। साथ ही अपनी जांच से संबंधित रिपोर्ट को भी ले सकते हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य सभी गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9 तारीख को, विशेष रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान सुनिश्चित, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल सेवाएं निःशुल्क प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का शीघ्र पता लगाकर और उनका त्वरित प्रबंधन करके मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है। यह कार्यक्रम निजी क्षेत्र के साथ जुड़ाव के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण का पालन करता है, जिसमें निजी चिकित्सकों को अभियान के लिए स्वेच्छा से भाग लेने के लिए प्रेरित करना, जागरूकता फैलाने के लिए रणनीतियों को विकसित करने में मदद करना और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में अभियान में भाग लेना शामिल है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

Related posts

Loading...

More from author

Loading...