नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस) दिल्ली के शकरपुर पुलिस ने नकली रिकवरी एजेंटों के एक हाई-टेक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह बैंक रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को धोखा देता था और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करके सड़क पर वसूली करता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता केशव कुमार ने बताया था कि 26 मार्च को आईटीओ के पास विकास मार्ग पर उन्हें एक सफेद ब्रेजा कार में सवार लोगों ने रोक लिया। आरोपियों ने बैंक से रिकवरी के नाम पर उसे जबरदस्ती अपने साथ ले लिया, मारपीट की और धमकाया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से 18,000 रुपए की वसूली की। वहां से छूटने के बाद केशव कुमार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
इसके बाद एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम में इस्पेक्टर विजेंद्र नागर, एसआई अनुभव, विशाल, हेड कांस्टेबल राहुल और राहुल पवार शामिल थे। तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना पर पता चला कि गिरोह बकाया ईएमआई वाले वाहनों की पहचान करने के लिए एक ऐप का इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद संदिग्धों की लोकेशन ट्रैकिंग और मोबाइल डाटा विश्लेषण के आधार पर चार आरोपियों प्रिंस, शिवम, टीटू और आकाश को गिरफ्तार किया गया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने एक व्यवस्थित और तकनीक-आधारित तरीका अपनाया था। वे सफेद ब्रेजा कार का उपयोग कर व्यस्त सड़कों पर वाहन मालिकों को निशाना बनाते थे। बैंक रिकवरी एजेंट होने का नाटक कर आरोपी पीड़ितों को डराते धमकाते थे, मारपीट करते थे और क्यूआर कोड/ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए पैसे ऐंठते थे।
शकरपुर पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 फोन और एक सफेद ब्रेजा कार बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच जारी है, जिसमें अन्य संभावित पीड़ितों और सहयोगियों की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन के बारे में तुरंत जानकारी देने का आग्रह किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इनके गिरोह में और कितने लोग हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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