Jharkhand Politics : बिजली और पानी संकट के मुद्दे पर पलामू में भाजपा ने किया जोरदार प्रदर्शन

पलामू में बिजली-पानी संकट पर भाजपा का प्रदर्शन, सरकार पर गंभीर आरोप
बिजली और पानी संकट के मुद्दे पर पलामू में भाजपा ने किया जोरदार प्रदर्शन

पलामू: झारखंड के पलामू जिले में बिजली और पेयजल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेता अमर बाउरी के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर पूरी तरह विफल रही है और जनता को बिजली-पानी जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा केवल दिखावा साबित हुआ है।

नेताओं ने दावा किया कि राजधानी में ही 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे ग्रामीण इलाकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

भाजपा नेता अमर बाउरी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और आम जनता बिजली-पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने भी पलामू में गंभीर जल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।

वहीं, विधायक आलोक चौरसिया ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी बेलगाम हो गए हैं और राज्य में अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।

भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि आम जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने कई मांगें भी उठाईं, जिनमें बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने, जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को शीघ्र बदलने, बिजली बिलों की जांच, खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और नल-जल योजना को जल्द पूरा करने की मांग शामिल है। साथ ही अस्पतालों और छात्रावासों में बिजली-पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने राज्य को पेयजल योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपए उपलब्ध कराए, लेकिन राज्य सरकार उनका समुचित उपयोग नहीं कर सकी। पार्टी के अनुसार, कई जिलों में नल-जल योजना का क्रियान्वयन बेहद धीमा है और बड़ी संख्या में चापाकल खराब पड़े हैं।

--आईएएनएस

 

 

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