
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया आई है। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से कल एक बैठक में कुछ टिप्पणियां की गईं और बाद में बाहर आकर एक अलग बयान जारी किया गया। यह वैश्विक संकट का समय है और दुनियाभर के कई देश आर्थिक अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। उनकी अर्थव्यवस्थाएं काफी कमजोर हो गई हैं।
गौरव भाटिया ने कहा कि पिछले 85 दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त मजबूती दिखाई है। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने देश से अपील की और 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर खड़े हुए और कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हुए एकता और देशभक्ति का प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के लिए अल्पसंख्यक का मतलब मुसलमान है। अल्पसंख्यों में सिख, बौद्ध और जैन भी आते हैं लेकिन उनको वोट बैंक की राजनीति करनी है, इसलिए वे सिर्फ मुसलमानों की ही बात करते हैं।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेता नारायणन तिरुपति ने कहा कि यह उनकी इच्छा और उनका सपना है, जो पूरा होने वाला नहीं है। अगले 20 या 25 सालों तक कांग्रेस सत्ता में आने के बारे में सोच भी नहीं सकती। मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस पार्टी टिक पाएगी। हो सकता है कि कांग्रेस पार्टी अगले 20-25 सालों तक बनी रहे लेकिन वह सत्ता में नहीं आ सकती।
वहीं, भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कहा कि वे सोरोस के साथ मिलकर या देशविरोधी ताकतों के साथ मिलकर देश के टुकड़े करना चाहते हैं। मैं सोनिया गांधी से आग्रह करता हूं कि राहुल की मानसिक बीमारी का कहीं इलाज कराएं।
भाजपा नेता सीआर केसवन ने कहा कि राहुल गांधी आज के जमाने के जूडस जैसे लग रहे हैं, जो लोगों के जनादेश और देश के खिलाफ विश्वासघात की भाषा बोल रहे हैं। उनकी अलोकतांत्रिक और भड़काऊ टिप्पणियां भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता पर सीधा हमला हैं। भारत की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजमाए हुए, परखे हुए और भरोसेमंद नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ी है और 'विकसित भारत' के उनके नेक विजन में पूरी तरह विश्वास रखती है।
--आईएएनएस
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