BJP Complaint Abhishek Banerjee : भड़काऊ भाषण देने पर टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत

भाजपा की शिकायत: अभिषेक बनर्जी पर भड़काऊ बयान का आरोप
भड़काऊ भाषण देने पर टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत

कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की है। भाजपा ने अभिषेक बनर्जी पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन और भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पश्चिम बंगाल के रैना में आयोजित एक रैली में अभिषेक बनर्जी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके कार्यकर्ताओं को धमकियां दी।

भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा गया है, "बनर्जी की आपत्तिजनक टिप्पणियां एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल व उसके कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हिंसा का प्रत्यक्ष और स्पष्ट आह्वान हैं। रैली में प्रयुक्त भाषा अत्यंत भड़काऊ है और इसका स्पष्ट उद्देश्य भय उत्पन्न करना, राजनीतिक विरोधियों को डराना और पश्चिम बंगाल राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आवश्यक वातावरण को दूषित करना है। ऐसी टिप्पणियां सार्वजनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली के लिए गंभीर खतरा हैं। इसलिए तत्काल कार्रवाई की जाए।"

भाजपा ने पत्र में आगे लिखा है, "हमने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ बयान से संबंधित इसी तरह की कई शिकायतें दी हैं। हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा निंदनीय आचरण टीएमसी पार्टी नेतृत्व में व्याप्त प्रतीत होता है। पश्चिम बंगाल में 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के बाद का समय टीएमसी द्वारा पार्टी नेतृत्व के इशारे पर की गई व्यापक हिंसा से चिह्नित था। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप 55 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की मृत्यु, महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, अनगिनत लोगों के घायल होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। ऐसी घटनाओं की गंभीरता और व्यापकता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को भी संज्ञान लेने और पश्चिम बंगाल सरकार और उसके प्रशासन के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट जारी करने के लिए प्रेरित किया था।"

भाजपा ने कहा, अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का पार्टी कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर समर्थकों पर काफी प्रभाव है। ऐसे बयान तनाव को बढ़ाते हैं और कार्यकर्ताओं को और अधिक उग्र बनाते हैं, जिससे एक अप्रिय और अस्थिर चुनावी माहौल बनता है। इसलिए, उनके बयान और आचरण पर आयोग द्वारा अत्यंत गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

 

 

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