Bihar Vigilance Action : भ्रष्टाचार मामलों में 13 आरोपियों ने अदालत में किया सरेंडर

विजिलेंस के दबाव में 13 आरोपी आत्मसमर्पण, रिश्वतखोरी मामलों में कार्रवाई तेज
बिहार: भ्रष्टाचार मामलों में 13 आरोपियों ने अदालत में किया सरेंडर

पटना: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार की विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस बीच राज्य भर में अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में फरार चल रहे 13 आरोपियों ने आत्मसमर्पण किया।

ये लंबे समय से न्यायिक कार्यवाही से बचते आ रहे थे, जिसके कारण अदालतों ने उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए थे।

लगातार कानूनी दबाव और प्रवर्तन कार्रवाई के बाद सभी 13 आरोपियों ने फरवरी और मार्च 2026 के दौरान विशेष अदालतों में आत्मसमर्पण कर दिया।

ब्यूरो ने बताया कि 7 आरोपी बबलू सिंह (बेगूसराय), राम अवतार राम (रोहतास), हरेंद्र राम (सारण), अमरेश झा (वैशाली), रविंद्र प्रसाद (सहरसा), वीरेंद्र प्रसाद मंडल (मुजफ्फरपुर) और रिंकू देवी (रोहतास) सरकारी पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में शामिल हैं।

वहीं, 6 आरोपी राज कुमार (लखीसराय), शारदा प्रसाद सिंह (भागलपुर), सुनील कुमार राय (मुजफ्फरपुर), मनीष कुमार (मुजफ्फरपुर), डॉ. विजय कुमार सिंह (सिविल सर्जन, जहानाबाद) और प्रणय कुमार (मुजफ्फरपुर) ट्रैप मामलों में शामिल हैं, जहां उन्हें कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

ये मामले पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सहित कई जिलों से जुड़े हुए हैं।

विजिलेंस विभाग ने पहले सभी फरार आरोपियों को मार्च के अंत तक आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी।

इन मामलों में अनुपालन होने के बाद विभाग अब अप्रैल में प्रवर्तन अभियान को और तेज करने की तैयारी कर रहा है।

अधिकारियों ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

ब्यूरो ने जोर देकर कहा कि किसी भी फरार आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा, भ्रष्टाचार मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कार्रवाई सख्ती से जारी रहेगी।

यह कार्रवाई बिहार के प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार पर बढ़ती सख्ती और संगठित प्रवर्तन दृष्टिकोण को दर्शाती है।

इससे पहले दिन में बिहार विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने पूर्णिया जिले में एक रिश्वतखोरी रैकेट का खुलासा करते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

आरोपी 'राजस्व कर्मचारी लाल बाबू राजक और अभिलेखागार कर्मचारी रूमी कुंडू' को शुक्रवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड कार्यालय में विजिलेंस टीम द्वारा लगाए गए ट्रैप के दौरान पकड़ा गया।

--आईएएनएस

 

 

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