Bihar Floor Test : उपेंद्र कुशवाहा बोले-संख्या बल हमारे पास, विश्वास मत महज एक औपचारिकता

फ्लोर टेस्ट से पहले नेताओं के बयान तेज, एनडीए को स्पष्ट बहुमत का दावा
बिहार फ्लोर टेस्ट: उपेंद्र कुशवाहा बोले-संख्या बल हमारे पास, विश्वास मत महज एक औपचारिकता

पटना: बिहार की राजनीति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार का फ्लोर टेस्ट होना है। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने फ्लोर टेस्ट को महज एक संवैधानिक प्रक्रिया बताया है।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संख्याबल का अंतर इतना अधिक है कि परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल औपचारिकता है लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है।

इसी दौरान कुशवाहा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी के रुख पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के चेहरे पर जो गुस्सा दिखाई दे रहा है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का परिणाम है, जिसका असर चुनावी माहौल और वोटिंग पैटर्न में भी नजर आ रहा है।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए पहले चरण के मतदान पर नीरज कुमार ने कहा कि भारी मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने वालों को जनता ने अपने मतदान के जरिए जवाब दिया है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में 90 प्रतिशत से अधिक और तमिलनाडु में खासकर महिलाओं के बीच, रिकॉर्ड मतदान ने यह साबित किया है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी रही है।

वहीं, जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को विधानसभा में स्पष्ट और मजबूत बहुमत हासिल होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार आसानी से विश्वास मत जीत लेगी।

भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर राजीव रंजन ने कहा कि, "देखिए, भारत सरकार ने निस्संदेह कड़ी प्रतिक्रिया दी है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार अनुचित और अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। अमेरिका की छवि खराब करने की उनकी बार-बार की कोशिशों से अमेरिकी जनता में गुस्सा है। अमेरिकी दूतावास ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है और ट्रंप के उस बयान को हाईलाइट किया है जिसमें उन्होंने भारत को अपना सबसे करीबी दोस्त बताया था। इसलिए, अब डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के संबंध में जो कुछ भी होगा, उससे उनके खिलाफ वैश्विक गुस्सा ही बढ़ेगा।"

--आईएएनएस

 

 

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