भगवान महावीर के आदर्श प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को रोहिणी में श्री दिगंबर जैन महासभा द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया और सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा और करुणा का आह्वान किया।

गुप्ता ने कहा कि जो सभी प्राणियों के प्रति करुणा का अभ्यास करता है, वही वास्तव में भगवान महावीर के इन शाश्वत सिद्धांतों के साथ महावीर के मार्ग पर चलता है।

महावीर जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्यक्रम गहन आध्यात्मिक उत्साह और वैश्विक शांति के सामूहिक आह्वान से परिपूर्ण था।

उनके निर्वाचन क्षेत्र के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार समारोह के दौरान गुप्ता ने पूज्य जैन संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और दिल्ली के नागरिकों के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।

24वें तीर्थंकर के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शासन और सामाजिक सद्भाव के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत करते हुए गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि महावीर जयंती केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आत्मनिरीक्षण और आत्मा की परीक्षा के लिए एक दिव्य आह्वान है।

राजकुमार वर्धमान के जीवन पर विचार करते हुए वक्ता ने कहा कि भगवान महावीर ने सिद्ध किया कि सच्ची वीरता तलवार की धार में नहीं, बल्कि अपने मन पर विजय प्राप्त करने, क्रोध, लोभ और अहंकार पर विजय पाने में निहित है।

गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अहिंसा परमो धर्म को पुनर्परिभाषित करते हुए कहा कि अहिंसा कायरता नहीं बल्कि साहस की पराकाष्ठा है।

वक्ता ने अनेकांतवाद (विभिन्न दृष्टिकोणों की विविधता) के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए इसे आज के खंडित समाज के लिए उपचारक बताया और कहा कि मेरा सत्य पूर्ण नहीं है; आपके सत्य में भी प्रकाश है।

अपरिग्रह (अनासक्ति/उपभोग न करने) के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने सदियों पहले ही प्रकृति का दोहन न करने और अंधाधुंध संचय न करने की शिक्षा देकर वैश्विक जलवायु संकट का समाधान प्रदान किया था।

गुप्ता ने दिल्ली के नागरिकों से अपील की कि महावीर जयंती का उत्सव तभी सार्थक होता है जब हम केवल जुलूसों तक सीमित न रहकर उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारें।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने औपचारिक रूप से यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि भगवान महावीर के आदर्श प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें और राजधानी में करुणा की संस्कृति को बढ़ावा मिले।

कार्यक्रम का समापन स्पीकर द्वारा औपचारिक अनुष्ठानों में भाग लेने और समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत करने के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने दिल्ली के कल्याण और आध्यात्मिक विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

--आईएएनएस

एमएस/

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