बेंगलुरु, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। बेंगलुरु के नंदिनी लेआउट इलाके में एक पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में आधी रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग से बचने के लिए 30 से अधिक महिला निवासी इमारत से कूदने को मजबूर हो गईं। घटना के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इस घटना के बाद बेंगलुरु में पीजी आवासों में सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों की तत्परता और समय पर निकासी अभियान से बड़ा हादसा टल गया। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले आसपास के लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की।
पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात करीब 12:40 बजे आग लगी। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि आग पास की एक एलईडी बैनर दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जो तेजी से बगल की चार मंजिला पीजी इमारत तक फैल गई। कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई।
आग तेजी से फैलने और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने के कारण कई महिलाओं के पास जान बचाने के लिए इमारत से कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। इलाके के सीसीटीवी कैमरों में युवतियों को इमारत से कूदकर जान बचाते हुए देखा गया।
वायरल वीडियो में लड़कियां और महिलाएं चीखते-चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाती नजर आ रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
फिलहाल पुलिस आग लगने के सटीक कारणों और प्रभावित इमारतों में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में बेंगलुरु के कुंडलहल्ली इलाके में एक पीजी आवास में गैस सिलेंडर विस्फोट से भीषण आग लग गई थी, जिसमें 23 वर्षीय एक टेक कर्मचारी की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।
बाद में जांच में सामने आया था कि इमारत में कई सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था। इसके बाद शहर के कई पीजी आवासों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया था और कुछ को सील भी किया गया था।
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