पटना: दिल्ली की एक निजी कंपनी में वर्षों तक काम करने वाले बिहार के शेखपुरा के रहने वाले अंकुर अभिषेक ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना का लाभ लेकर पास्ता की फैक्ट्री खोली। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है और वह अपनी फैक्ट्री में कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
लाभार्थी अंकुर अभिषेक ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना की खास बात यह है कि यह युवाओं को कुछ करने का हौसला देती है और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि इस फैक्ट्री में कुल मिलाकर नौ लोग काम करते हैं।
हुसैनाबाद गांव निवासी अंकुर अभिषेक पहले दिल्ली की एक कंपनी में काम करते थे। साल 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद स्थिति काफी बदल गई, उन्हें दिल्ली छोड़कर गांव वापस आना पड़ा। गांव लौटने के दौरान उनके सामने रोजगार चलाने की समस्या पैदा हुई। कुछ समय तक घर पर रहने के बाद अंकुर अभिषेक ने सोचा कि अगर नौकरी नहीं मिल रही है तो क्यों न खुद का कोई व्यवसाय शुरू किया जाए। इसी सोच के साथ वे जिला उद्योग विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहां अधिकारियों से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के बारे में पता चला।
पीएमईजीपी योजना का लाभ लेकर अंकुर अभिषेक ने पास्ता बनाने का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया और स्वीकृति मिलने के बाद पास्ता बनाने की मशीन खरीदी। अभिषेक ने बताया कि पहले छोटे स्तर पर उत्पादन शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे मेहनत और लगन के बल पर उनका काम बढ़ता गया।
उन्होंने बताया कि आसपास के जिले नवादा, मुंगेर, नालंदा और लखीसराय के बाजारों तक पास्ता की सप्लाई की जाती है। स्थानीय बाजार में पास्ता की मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे व्यवसाय को लाभ मिल रहा है। उनका एक सपना है कि अधिक से अधिक लोगों को फैक्ट्री में रोजगार दिया जाए, ताकि काम की तलाश में लोगों को परिवार छोड़कर बाहर न जाना पड़े।
पीएम मोदी का जिक्र करते हुए लाभार्थी ने कहा कि अगर आज यह फैक्ट्री चल रही है तो इसके पीछे उनकी वह सोच है, जो युवाओं को नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रही है। मैं उनका धन्यवाद करता हूं।
उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए काफी लाभकारी है। अगर प्लानिंग के तहत इस योजना का लाभ लिया जाए तो परिणाम बेहतर ही मिलते हैं।
--आईएएनएस
