Rahul Gandhi Controversy : राहुल गांधी को जनता ने 'गांधी' के रूप में स्वीकार नहीं किया : आचार्य प्रमोद कृष्णम

राहुल गांधी की भूमिका और रणनीति पर आचार्य प्रमोद कृष्णम की तीखी टिप्पणी
राहुल गांधी को जनता ने 'गांधी' के रूप में स्वीकार नहीं किया : आचार्य प्रमोद कृष्णम

रुद्रपुर: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने राहुल गांधी को 'गांधी' के रूप में स्वीकार नहीं किया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में, एक के बाद एक चुनाव हारने के बाद, मुझे लगता है कि देश की जनता ने राहुल गांधी को 'गांधी' के रूप में स्वीकार नहीं किया है। यह एक बहुत बड़ी बात है। देश की जनता ने महात्मा गांधी का साथ कभी नहीं छोड़ा। कोई भी परिस्थिति आई, देश की आजादी और उसके बाद गांधी के नाम के साथ देश जुड़ा रहा। लेकिन, देश की जनता राहुल गांधी का साथ नहीं दे रही है।"

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद मुझे लगता है कि विपक्ष उन्हें लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाएगा। इसलिए मेरा कहना है कि राहुल गांधी को नाम से गांधी सरनेम हटा देना चाहिए। वैसे भी राहुल गांधी के अंदर महात्मा गांधी के एक भी लक्षण नहीं दिखाई देते।"

राहुल गांधी की यात्राओं पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यात्रा करना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन राहुल गांधी के कार्य बहुत ही असामान्य हैं। उन्होंने कहा, "देश में विपक्ष के नेता के तौर पर, लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि वह समझदार, साहसी और संवेदनशील हों। एक अच्छे लोकतंत्र के लिए, एक मजबूत विपक्ष का होना बहुत जरूरी है।"

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें किसी की सलाह की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर राहुल गांधी ने सलाह मानी होती, तो वे राम मंदिर गए होते। अगर राहुल गांधी ने सलाह मानी होती, तो वे ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते। अगर राहुल गांधी ने सलाह मानी होती, तो वे अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध नहीं करते।"

--आईएएनएस

 

 

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