Abhishek Banerjee Statement : जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उनके मतदान अधिकार बहाल किए जाएंगे: अभिषेक बनर्जी

एसआईआर को लेकर अभिषेक बनर्जी का बड़ा ऐलान, चुनाव बाद वोटिंग अधिकार बहाल करने का वादा
जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उनके मतदान अधिकार बहाल किए जाएंगे: अभिषेक बनर्जी

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची से जिनके नाम हटा दिए गए हैं, उनके मतदान के अधिकार को बहाल करने का वादा किया।

नादिया जिले के करीमपुर में बनर्जी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के एक महीने के भीतर ऐसे लोगों के मतदान अधिकार बहाल कर दिए जाएंगे।

विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने सोमवार को पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में करीमपुर में एक बैठक की।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, "एसआईआर के बाद उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दस्तावेज होने के बावजूद मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप अपना वोट सीधे ममता बनर्जी को दें, जिनकी सरकार 4 मई को बनेगी। ज्ञानेश कुमार का खेल खत्म हो जाएगा। इसके बाद ममता बनर्जी की सरकार एक महीने के भीतर मतदान के अधिकार बहाल करेगी। यह हमारी शपथ है।"

उन्होंने कहा, "यह हमारी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में नहीं है, लेकिन यह हमारे मन में है। भाजपा ने कहा था कि वह एनआरसी लागू करेगी। हमने ऐसा नहीं होने दिया। भाजपा का मतलब है हिरासत। तृणमूल का मतलब है कोई तनाव नहीं।"

उन्होंने इसी जिले के राणाघाट में एक और जनसभा में इस मुद्दे को फिर से उठाकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, "मातुआ समुदाय के लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। जिन लोगों ने पहले इन लोगों के वोटों से चुनाव जीते थे, अब उन्होंने इनके वोट देने के अधिकार छीन लिए हैं। तृणमूल सरकार भाजपा को वोट देने वालों को लक्ष्मी भंडार और घर दे रही है। उन्हें अब समझ आ जाना चाहिए कि उनके साथ धोखा हुआ है।"

इस दिन अभिषेक बनर्जी ने बैठक से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने भाजपा पर बंगाली संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा मछली और मांस खाने वाले लोगों पर बार-बार हमला कर रही है। तृणमूल उम्मीदवारों से चुनाव जीतने का आह्वान करते हुए उन्होंने चेतावनी दी, "भाजपा इन लोगों को पैसे रोककर दंडित करने की सोच रही है। बंगाली 4 मई को दिखाएंगे कि सजा क्या होती है। वे मतदान के दिन लॉकडाउन, नोटबंदी और एसआईआर की कतारों में खड़े होने के विरोध में कतार में खड़े होंगे।"

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...